Apple के एंप्लॉयीज को बड़ा झटका, अगले महीने नहीं मिलेगा बोनस, हायरिंग पर भी लगी रोक

आईफोन (iPhone) बनाने वाली दिग्गज कंपनी एपल (Apple) के एंप्लॉयीज को कंपनी के एक फैसले के चलते तगड़ा झटका लगा है। कुछ कॉरपोरेट डिवीजन्स के बोनस में देरी की जा रही है। इसके अलावा मौजूदा अनिश्चितता के माहौल में कंपनी लागत घटाने की कोशिशें कर रही है। ब्लूमबर्ग को सूत्रों के हवाले से यह जानकारी मिली है। जानकारी के मुताबिक एपल के कॉरपोरेट एंप्लॉयीज को अब बोनस कम मिलेगा

अपडेटेड Mar 15, 2023 पर 12:40 PM
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दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी एपल ने बढ़ती महंगाई और मंदी की आशंकाओं के चलते पिछले साल जुलाई में सावधानी बरतनी शुरू की। इसने मेटा-ट्विटर जैसी दिग्गज टेक कंपनियों की तरह बड़े पैमाने पर छंटनी तो नहीं की लेकिन इसने अपना बजट घटा दिया, कुछ डिवीजन्स में हायरिंग रोक दी और एंप्लॉयीज की लिमिट में कटौती की।

आईफोन (iPhone) बनाने वाली दिग्गज कंपनी एपल (Apple) के एंप्लॉयीज को कंपनी के एक फैसले के चलते तगड़ा झटका लगा है। कुछ कॉरपोरेट डिवीजन्स के बोनस में देरी की जा रही है। इसके अलावा मौजूदा अनिश्चितता के माहौल में कंपनी लागत घटाने की कोशिशें कर रही है। ब्लूमबर्ग को सूत्रों के हवाले से यह जानकारी मिली है। जानकारी के मुताबिक एपल के कॉरपोरेट एंप्लॉयीज को अब बोनस कम मिलेगा। इससे पहले एपल में आमतौर पर साल में डिवीजन के हिसाब से एक या दो बार अप्रैल और अक्टूबर में बोनस और प्रमोशन की प्रक्रिया होती थी लेकिन अब नई योजना के तहत अगले महीने यह नहीं होगा। इसके अलावा कंपनी हायरिंग भी बंद कर रही है। कंपनी अब किसी एंप्लॉयीज के कंपनी छोड़ने पर खाली हुई जगह पर ही हायरिंग की स्ट्रैटजी अपना रही है।

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इस योजना से Apple को होगा बड़ा फायदा


नई योजना के तहत एपल में इस बार सिर्फ एक बोनस-प्रमोशन होगा। सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और सर्विसेज समेत एपल के अधिकतर डिवीजन पहले ही बोनस और प्रमोशन के लिए साल में एक बार वाले शेड्यूल में चले गए थे लेकिन ऑपरेशंस, कॉरपोरेट रिटेल और बाकी ग्रुप में एंप्लॉयीज अभी भी साल में दो बार वाले प्लान से चल रहे हैं। एपल के इस कदम से कंपनी को अपने एंप्लॉयीज को रोके रखने में मदद मिलेगी क्योंकि ऐसे एंप्लॉयीज जो अप्रैल में बोनस मिलने के बाद कंपनी छोड़ने की योजना बना रहे थे, वे अब नहीं छोड़ेंगे। हालांकि यहां यह ध्यान रखना जरूरी है कि एपल की नई योजना इंजीनियर्स, नॉन-इंजीनियर्स और मिड-लेवल के मैनेजर्स पर ही लागू होगी, डायरेक्टर लेवल या इससे ऊपर के सीनियर एंप्लॉयीज पर नहीं। सीनियर एंप्लॉयीज को आमतौर पर हर तिमाही बोनस मिलता है।

लागत घटाने के लिए उठाए ये बड़े कदम

दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी एपल ने बढ़ती महंगाई और मंदी की आशंकाओं के चलते पिछले साल जुलाई में सावधानी बरतनी शुरू की। इसने मेटा-ट्विटर जैसी दिग्गज टेक कंपनियों की तरह बड़े पैमाने पर छंटनी तो नहीं की लेकिन इसने अपना बजट घटा दिया, कुछ डिवीजन्स में हायरिंग रोक दी और एंप्लॉयीज की लिमिट में कटौती की। एपल की बिक्री सुस्त हुई है जिसके चलते इसे ऑपरेशंस को दुरुस्त करने का दबाव बढ़ा है। दिसंबर 2022 तिमाही में इसका रेवेन्यू 5 फीसदी गिर गया। इस तिमाही भी कंपनी के सेल्स में गिरावट की आशंका है।

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पिछले हफ्ते कंपनी के शेयरहोल्डर्स की बैठक में सीईओ टिम कुक ने कहा कि कंपनी अपने खर्चों को लेकर लगातार सावधानी बरत रही लेकिन इनोवेशन में निवेश जारी रहेगा। खर्चों में कटौती की योजना के तहत अब खर्चों के लिए सीनियर वाइस प्रेसिडेंट से मंजूरी लेनी अनिवार्य होगी। इसके अलावा कंपनी ने कुछ कांट्रैक्ट वर्कर्स की छंटनी भी कर दी है।

इसके अलावा खर्च घटाने के लिए टिम कुक ने अपनी सैलरी घटा दी। जनवरी 2023 में उनको 40 फीसदी कम पेमेंट मिला। उन्हें करीब 4.9 करोड़ डॉलर क्रेडिट हुए। इसके अलावा लागत घटाने के लिए कंपनी ने हर हफ्ते कम से कम तीन दिन ऑफिस से काम करना अनिवार्य कर दिया। इससे ये होगा कि जो एंप्लॉयी इस नियम का पालन नहीं करते, उन्हें निकाल दिया जाएगा। वहीं एपल के स्टोर्स पर एंप्लॉयीज अधिक घंटे और दिन काम करने को कहा जा रहा है।

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