Delhi-Mumbai Expressway: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर कितना चुकाना होगा टोल टैक्स? स्पीड और रूट्स समेत जानें सभी डिटेल

Delhi-Mumbai Expressway: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का दिल्ली-दौसा-लालसोट खंड 247 किलोमीटर लंबा है, जिसे 12,173 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। इस खंड के चालू हो जाने से दिल्ली से जयपुर का यात्रा समय 5 घंटे से घटकर लगभग साढ़े 3 घंटे रह जाएगा। यह देश के सबसे बड़े एवं सबसे आधुनिक एक्सप्रेसवे में से एक है

अपडेटेड Feb 19, 2023 पर 4:34 PM
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Delhi-Mumbai Expressway: प्रधानमंत्री ने 12 फरवरी को दिल्ली और मुंबई को जोड़ने वाले 1,386 किलोमीटर के मेगा एक्सप्रेस-वे के पहला खंड का उद्घाटन किया था

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने 12 फरवरी को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली (New Delhi) और देश की आर्थिक राजधानी मुंबई (Mumbai) को जोड़ने वाले 1,386 किलोमीटर के मेगा हाईवे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे (First stage of the Delhi-Mumbai Expressway) के पहले चरण को राष्ट्र को समर्पित किया था। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का दिल्ली-दौसा-लालसोट खंड 247 किलोमीटर लंबा है, जिसे 12,173 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। इस खंड के चालू हो जाने से दिल्ली से जयपुर का यात्रा समय पांच घंटे से घटकर लगभग साढ़े तीन घंटे रह जाएगा। यह देश के सबसे बड़े एवं सबसे आधुनिक एक्सप्रेसवे में से एक है।

रिपोर्ट के मुताबिक, उम्मीद है कि यह मेगा प्रोजेक्ट 2024 तक पूरा हो जाएगा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पहले चरण का उद्घाटन होने के साथ ही यात्री अब यह जानना चाह रहे हैं कि इस रूट्स पर टोल-टैक्स (Toll Tax) कितना देना पड़ेगा? इस एक्सप्रेस-वे पर कहां-कहां पर टोल टैक्स के लिए प्लाजा होंगे? इस पर कितनी स्पीड पर गाड़ी चलाई जा सकेगी? इन सब सवालों के जवाब हम आपको इस आर्टिकल पर दे रहे हैं।

एक्सप्रेस-वे पर कितना चुकाना होगा टोल टैक्स?


दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के शुरुआती प्वाइंट से लगभग 20 किलोमीटर दूर खलीलपुर है। यहां तक सफर करने के लिए लाइट व्हीकल यानी हल्के वाहनों को सफर करते हुए 90 रुपये का टोल टैक्स चुकाना होगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक, लाइट कमर्शियल यानी हल्के वाणिज्यिक वाहनों के लिए यह दर 145 रुपये होगी। इसके अलावा रिपोर्टों के अनुसार, यदि कोई बरकापारा जाता है तो उसे लाइट व्हीकल में सफर करते हुए 500 रुपये का टोल टैक्स भरना होगा। जबकि लाइट कमर्शियल वाहनों को टोल टैक्स 805 रुपये चुकाना होगा। खलीलपुर और बरकापारा के अलावा समसाबाद, शीतल, पिनान, और डूंगरपुर में भी टोल गेट मिलेंगे।

इसके अलावा यदि एंट्री प्वाइंट से कोई 7 एक्सेल वाहन बरकापारा तक जाता है तो उसे 3,215 रुपये का टोल टैक्स भरना होगा। सोहना की तरफ से एंट्री करने वाले गाड़ियों को यह टोल वेस्टर्न पेरिफेरल स्थित खलीलपुर लूप पर उतरते ही भरना होगा। रिपोर्ट्स में नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि सड़क निर्माण में दूरी के साथ-साथ स्ट्रक्चर के आधार पर टोल का निर्धारण किया जाता है। उदाहरण के लिए, रेलवे ओवरपास या अन्य प्रकार के पुलों की अधिक संख्या वाले रूट्स के लिए किराया अधिक है।

स्पीड और रूट्स सहित अन्य डिटेल्स

देश के इस सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे पर कानूनी रूप से टॉप स्पीड लिमिट 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। एक अधिकारी ने बताया कि इस एक्सप्रेसवे को हाई-स्पीड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया गया है और वाहनों की गति दूरी के साथ अधिकतम गति सीमा 80 किमी/घंटा से 120 किमी/घंटा के बीच है। 1,386 किलोमीटर की लंबाई के साथ यह भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा।

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यह दिल्ली और मुंबई के बीच यात्रा की दूरी को 1,424 किलोमीटर से 12 प्रतिशत घटाकर 1,242 किलोमीटर कर देगा और यात्रा का समय 50 प्रतिशत कम होकर 24 घंटे से 12 घंटे रह जाएगा। एक्सप्रेसवे छह राज्यों दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र से होकर गुजरेगा। साथ ही यह कोटा, इंदौर, जयपुर, भोपाल, वडोदरा और सूरत जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ेगा। इस पूरे प्रोजेक्ट पर अनुमानित 98,000 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।

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