भारत का केंद्रीय बैंक आरबीआई संभवत: बुधवार को ब्याज दर में बढ़त की गति को धीमा करना शुरू करता नजर आ सकता है। आरबीआई की तरफ से इस तरह के संकेत मिल रहे हैं कि वह अपने कठोर मौद्रिक नीति के अंत के करीब है। बता दें कि इस साल अब तक रेपो रेट में 190 बेसिस प्वाइंट या 1.90 फीसदी की बढ़त की जा चुकी है। लेकिन महंगाई दर में आई गिरावट और ब्याज दरों में बढ़त से इकोनॉमिक ग्रोथ पर पड़ रहे दबाव को देखते हुए आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास अब ब्याज दरों में बढ़त की मात्रा कम कर सकते हैं।
Bloomberg की तरफ से करवाए गए एक सर्वे में शामिल 35 अर्थशास्त्रियों की राय है कि आरबीआई 7 दिसंबर को अपनी नीति दर में 35 बेसिस प्वाइंट यानी 0.35 फीसदी की बढ़त कर सकता है। बताते चलें की 100 बेसिस प्वाइंट 1 फीसदी के बराबर होता है। सर्वे में शामिल 3 अर्थशास्त्रियों की राय है कि आरबीआई 7 दिसंबर को अपनी नीति दर में 0.25 फीसदी यानी 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़त कर सकता है। जबकि 10 बेसिस प्वाइंट, 30 बेसिस प्वाइंट और 50 बेसिस प्वाइंट बढ़त का संभावना के पक्ष में 1-1 अर्थशास्त्री हैं।
बता दें की आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास बुधवार 7 दिसंबर को मुंबई में सुबह 10 बजे वेबकास्ट के जरिए आरबीआई एमपीसी के फैसले की जानकारी देंगे और दोपहर 12 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे।
आरबीआई पॉलिसी मीट पर कहां रहेगी नजर
एनालिस्टों की नजर इस बात पर रहेगी की आरबीआई ब्याज दरों में बढ़त पर लगाम लगने को कोई संकेत देता है कि नहीं। US फेड के चेयरमैन जेरोम पावेल इस तरह के संकेत पहले ही दे चुके हैं। ये भारतीय पॉलिसी मेकरों के लिए एक अच्छा संकेत है। अगर आरबीआई की तरफ से ब्याज दरों पर नरम रुख देखने को मिलता है तो ब्याज दरों के पीक पर पहुचनें का अनुमान लगाया जाएगा। कमोडिटी की कीमतों में नरमी और मांग में कमजोरी से दरों में कटौती की संभावना बन रही है।
अधिकांश अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि आरबीआई फरवरी में एक और दर वृद्धि कर सकता है। लेकिन जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी के साजिद चिनॉय का कहना है कि दिसंबर की 35 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी इस चक्र की आखिरी बढ़त हो सकती है।