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वित्तमंत्री सीतारमण ने रूस से सस्ते क्रूड ऑयल का इंपोर्ट बढ़ाने के फैसले के लिए प्रधानमंत्री की तारीफ की

इंडिया ने रूस से क्रूड ऑयल का इंपोर्ट बढ़ाने का फैसला तब लिया था, जब कमोडिटीज की ग्लोबल कीमतें आसमान में पहुंच गई थीं। इससे मर्चेंडाइज ट्रेड डेफिसिट तेजी से बढ़ गया था। इसका असर रुपए के एक्सचेंज रेट पर भी पड़ा था

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 08, 2022 पर 6:22 PM
वित्तमंत्री सीतारमण ने रूस से सस्ते क्रूड ऑयल का इंपोर्ट बढ़ाने के फैसले के लिए प्रधानमंत्री की तारीफ की
पहले हमारे कुल क्रूड इंपोर्ट में रूस की हिस्सेदारी सिर्फ 2 फीसदी या इससे भी कम थी। यह बढ़कर करीब 12-13 फीसदी पहुंच गई।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने गुरुवार (8 सितंबर) को रूस से क्रूड ऑयल का इंपोर्ट बढ़ाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के फैसले की तारीफ की। फरवरी के आखिर में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद अमेरिका और पश्चिमी देशों ने रूस पर प्रतिबंध लगा दिए थे। इसके बावजूद इंडिया ने रूस से क्रूड ऑयल का इंपोर्ट बढ़ाने का फैसला किया।

सीतारमण ने एक कार्यक्रम में कहा, "ऐसी स्थिति में जब ग्लोबल कीमतें खरीदने की हमारी क्षमता से ऊपर जा रही थी... तब रूस से इसे खरीदने का बहुत बड़ा राजनीतिक फैसला लेने के साहस के लिए मैं प्रधानमंत्री की तारीफ करती हूं।" रूस ने इंडिया को डिस्काउंट पर क्रूड ऑयल बेचने का ऑफर दिया था।

उन्होंने कहा, "हमने कितनी तेजी से इसे बढ़ाया? पहले हमारे कुल क्रूड इंपोर्ट में रूस की हिस्सेदारी सिर्फ 2 फीसदी या इससे भी कम थी। यह बढ़कर करीब 12-13 फीसदी पहुंच गई। यह सबकुछ सिर्फ 2 महीनों में हुआ।"

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