देश का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) 13 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में 1.15 अरब डॉलर बढ़कर 585.89 अरब डॉलर रहा। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से यह जानकारी दी गई है। इससे पहले के कई सप्ताह से विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट आ रही थी। इससे पहले के सप्ताह में देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 2.17 अरब डॉलर की गिरावट के साथ 584.74 अरब डॉलर रह गया था। अक्टूबर 2021 में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 645 अरब डॉलर के अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन पिछले साल के वैश्विक घटनाक्रम से पैदा हुए दबावों के बीच RBI (Reserve Bank of India) ने रुपये की कीमत में गिरावट को रोकने के लिए विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल किया, जिससे इसमें कमी आई।
विदेशी मुद्रा भंडार ने इस साल 14 जुलाई को खत्म सप्ताह में एक बार फिर 600 अरब डॉलर के मार्क को पार किया था। उस सप्ताह में यह 12.74 अरब डॉलर बढ़कर 609.02 अरब डॉलर पर पहुंच गया था। रिजर्व बैंक के साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, 13 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में फॉरेन करेंसी एसेट्स 17.8 करोड़ डॉलर घटकर 519.35 अरब डॉलर पर आ गए। फॉरेन करेंसी एसेट्स, विदेशी मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा होते हैं। डॉलर में एक्सप्रेस किए जाने वाले फॉरेन करेंसी एसेट्स में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं में उतार-चढ़ाव के प्रभावों को भी शामिल किया जाता है।
गोल्ड रिजर्व बढ़कर 43.57 अरब डॉलर
इस बीच देश का गोल्ड रिजर्व (Gold Reserve) 1.27 अरब डॉलर बढ़कर 43.57 अरब डॉलर हो गया। आंकड़ों के अनुसार, स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDRs) 7.2 करोड़ डॉलर बढ़कर 17.99 अरब डॉलर रहे। 13 अक्टूबर को खत्म हुए सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund or IMF) के पास रखा देश का मुद्रा भंडार 80 लाख डॉलर घटकर 4.97 अरब डॉलर रहा।