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ब्याज दरें बढ़ाना राष्ट्रविरोधी काम नहीं, RBI को ऐसा करना होगा, जानिए Raghuram Rajan ने क्यों कहा ऐसा

रघुराम राजन ने कहा कि राजनेताओं और ब्यूरोक्रेट्स के लिए यह समझना जरूरी है कि नीतिगत दरों में बढ़ोतरी विदेशी निवेशकों को फायदा पहुंचाने वाली कोई राष्ट्रविरोधी गतिविधि नहीं है, बल्कि यह आर्थिक स्थायित्व में एक तरह का निवेश है

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 25, 2022 पर 5:06 PM
ब्याज दरें बढ़ाना राष्ट्रविरोधी काम नहीं, RBI को ऐसा करना होगा, जानिए Raghuram Rajan ने क्यों कहा ऐसा
रघुराम राजन ने अपने एक नोट में कहा, निश्चित रूप से जब ब्याज दरें बढ़ेंगी, तो कोई खुश नहीं होगा। राजनीति से प्रेरित लोग अभी भी मेरी आलोचना करते हैं, जो आरोप लगाते हैं कि मेरे कार्यकाल में इकोनॉमी को पीछे धकेल दिया गया था

Raghuram Rajan : रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) यानी आरबीआई (RBI) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि केंद्रीय बैंक को कभी न कभी प्रमुख नीतिगत दरें (policy rates) बढ़ानी ही होंगी। बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रघुराम राजन ने कहा कि राजनेताओं और ब्यूरोक्रेट्स के लिए यह समझना जरूरी है कि नीतिगत दरों में बढ़ोतरी विदेशी निवेशकों को फायदा पहुंचाने वाली कोई राष्ट्रविरोधी गतिविधि नहीं है, बल्कि यह आर्थिक स्थायित्व (economic stability) में एक तरह का निवेश है।

आरबीआई को बढ़ाना पड़ा है महंगाई का अनुमान

मार्च में, खुदरा महंगाई बढ़कर 6.95 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई, जो फरवरी में 6.07 फीसदी के स्तर पर थी। खुदरा महंगाई पिछले तीन महीने से छह फीसदी से ऊपर बनी हुई है। हाल में संपन्न हुई मॉनेटरी पॉलिसी मीट (monetary policy meet) में आरबीआई ने वित्त वर्ष 23 के लिए अपने महंगाई अनुमान को 4.5 फीसदी से बढ़ाकर 5.7 फीसदी कर दिया। आरबीआई के मुताबिक वित्त वर्ष 23 की पहली तिमाही में भी खुदरा महंगाई 6 फीसदी ज्यादा रहने का अनुमान है। इसके चलते, इकोनॉमिस्ट्स ने अगले एक साल में ब्याज दरों में भारी बढ़ोतरी का अनुमान जाहिर किया है।

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