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RBI के डिप्टी गवर्नर ने कहा, हम CBDC को पूरी दुनिया में स्वीकार्य बनाना चाहते हैं

RBI के डिप्टी गवर्नर टी रबी शंकर ने कहा कि डोमेस्टिक पेमेंट के मामले में दुनियाभर में बहुत प्रगति हुई है, लेकिन विदेशी पेमेंट (Cross-border payments) अब भी कॉस्ट और ट्रांजेक्शन में लगने वाले समय के लिहाज से पिछली सदी में अटका हुआ है

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 07, 2022 पर 3:03 PM
RBI के डिप्टी गवर्नर ने कहा, हम CBDC को पूरी दुनिया में स्वीकार्य बनाना चाहते हैं
RBI क्रिप्टोकरेंसीज के इस्तेमाल के खिलाफ है। उसका मानना है कि इससे काफी लॉस हो सकता है।

RBI अपनी सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) को दुनियाभर में स्वीकार्य बनाने के बारे में सोच रहा है। इससे सेटलमेंट कॉस्ट में कमी आएगी और इंटरनेशनल ट्रांजेक्शन में कम समय लगेगा। केंद्रीय बैंक के डिप्टी गवर्नर टी रबी शंकर ने दिल्ली में यह बताया।

शंकर ने कहा, "हमें यह समझना होगा कि आज इंटरनेशनल बॉडीज के सामने पेमेंट्स से जुड़े मसलें हैं उनके समाधान के लिए CBDC का इंटरनेशनलाइजेशन जरूरी है।" उन्होंने कहा कि डोमेस्टिक पेमेंट के मामले में दुनियाभर में बहुत प्रगति हुई है, लेकिन विदेशी पेमेंट (Cross-border payments) अब भी कॉस्ट और ट्रांजेक्शन में लगने वाले समय के लिहाज से पिछली सदी में अटका हुआ है।

उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि CBDC इस प्रॉब्लम का सबसे आसान सॉल्यूशन है.. उदाहरण के लिए अगर इंडिया और अमेरिका के अपने CBDC हैं तो ट्रांजेक्शन के सेटलमेंट के लिए हमें बैंकों के खुलने का इतंजार करने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी। सेटलमेंट के लिए सिर्फ दोनों देशों के केंद्रीय बैंकों का ओपन होना जरूरी होगा। इससे क्रॉस-बॉर्डर ट्राजेक्शन से जुड़े सेटलमेंट रिस्क में भी बड़ी कमी आएगी।"

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