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RBI Repo Rate Today: आरबीआई ने लगातार नौंवी बार नहीं बदला रेपो रेट, लोन-EMI की दरें नहीं होंगी सस्ती!

RBI Repo Rate Today: रिजर्व बैंक ने एकबार फिर ग्रोथ की जगह महंगाई को अहमियत देते हुए रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। यह लगातार नौवीं बार है जब रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। रेपो रेट पहले की तरह 6.5 फीसदी पर बरकरार है।

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 08, 2024 पर 10:40 AM
RBI Repo Rate Today: आरबीआई ने लगातार नौंवी बार नहीं बदला रेपो रेट, लोन-EMI की दरें नहीं होंगी सस्ती!
RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने लगातार नौवीं बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया

RBI Repo Rate Today: रिजर्व बैंक ने एकबार फिर ग्रोथ की जगह महंगाई को अहमियत देते हुए रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। यह लगातार नौवीं बार है जब रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। रेपो रेट पहले की तरह 6.5 फीसदी पर बरकरार है।साथ ही MPC ने 'उदार रुख को वापस लेने' के अपने रुख को भी बरकरार रखा है। रिजर्व बैंक ने आखिरी बार फरवरी 2023 में रेपो रेट में बदलाव किया था। पिछले 25 सालों में यह दूसरा मौका है, जब RBI ने इतने लंबे समय तक ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। RBI की 6 सदस्यों वाली मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने 4-2 के बहुमत से रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करने के लिए मतदान किया।

मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक के बाद मीडिया को संबोधिक करते हुए RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि केंद्रीय बैंक का फोकस इनफ्लेशन पर बना रहेगा। यह अभी भी 4 फीसदी के मीडियम टारगेट से ज्यादा है। शक्तिकांत दास ने कहा कि मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MFF) और स्टैंडर्ड डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) की दरें भी क्रमशः 6.75% और 6.25% पर बरकरार रखी गई हैं।

रेपो रेट वह दर होती है, जिसपर कमर्शियल बैंक अपनी को पूरा करने के लिये आरबीआई से उधार लेते हैं। आरबीआई महंगाई दर को काबू में रखने के लिए इसका इस्तेमाल करता है। रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखने का मतलब है कि होम लोन, व्हीकल लोन आदि की EMI किस्त में बदलाव की संभावना कम है।

इससे पहले जून की पॉलिसी रेट रिव्यू में रिजर्व बैंक ने GDP के अनुमान को बढ़ा दिया या था। रिजर्व बैंक ने फिस्कल ईयर 2025 के लिए GDP की ग्रोथ रेट का अनुमान बढ़ाकर 7.2 फीसदी कर दिया था। जबकि महंगाई के अनुमान को भी पहले के लेवल 4.5 फीसदी पर ही बरकरार रखा था।

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