Unemployment Data: बेरोजगारी को लेकर उत्साहजनक आंकड़े सामने आए हैं। चालू वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2022 में शहरी बेरोजगारी दर गिरकर 7.6 फीसदी पर आ गई। यह दर अप्रैल-जून 2018 के बाद से सबसे कम है जब शहरों में बेरोजगारी को लेकर पहली बार तिमाही आंकड़े सामने आए थे। ये आंकड़े 31 अगस्त को मिनिस्ट्री ऑफ स्टैटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन ने जारी किए हैं। स्टैटिस्टिक्स मिनिस्ट्री गांवों से जुड़ी सालाना पीएलएफएस रिपोर्ट जारी करती है। 14 जून को जारी हालिया सालाना रिपोर्ट के मुताबिक भारत की बेरोजगारी दर जुलाई 2020-जून 2021 में बेरोजगारी दर गिरकर 4.2 फीसदी पर आ गई।
किसे माना जाता है बेरोजगार?
शहरी बेरोजगारी डेटा पीरियाडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) रिपोर्ट का एक हिस्सा होता है जिसे हर तिमाही जारी किया जाता है। इसमें मौजूदा साप्ताहिक स्थिति के आधार पर बेरोजगारी दर को मापा जाता है। किसी शख्स को एक हफ्ते में तब बेरोजगार माना जाता है, जब उसे किसी दिन एक घंटे के लिए भी काम न मिला हो जबकि कम से कम एक घंटे का काम उपलब्ध था.
बेरोजगारी दर में गिरावट ग्रोथ में तेजी का संकेत
अप्रैल-जून 2022 में बेरोजगारी दर में गिरावट ग्रोथ में तेजी का संकेत है। 31 अगस्त के जीडीपी के आंकड़े सामने आए थे और इसके मुताबिक चालू वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही में देश की जीडीपी 13.5 फीसदी की दर से बढ़ी। हालांकि यह तेज दर भी उम्मीद से कम रही क्योंकि अनुमान लगाया गया था कि जून 2022 तिमाही में जीडीपी 15 फीसदी की दर से बढ़ सकती है। इसके बावजूद यह ग्रोथ एक साल में सबसे तेज रही। महिलाओं और पुरुषों दोनों की बेरोजगारी दर में 60 बेसिस प्वाइंट्स की गिरावट आई। पिछली तिमाही अप्रैल-जून 2022 में पुरुषों की बेरोजगारी दर 7.1 फीसदी और महिलाओं की बेरोजगारी दर 9.5 फीसदी रही।
महिलाओं को अधिक रोजगार से बढ़ा एलएफपीआर
जून 2022 तिमाही में लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट (LFPR) 47.3 फीसदी से बढ़कर 47.5 फीसदी हो गया जो कोरोना महामारी शुरू होने के बाद से सबसे अधिक है। जनवरी-मार्च 2020 में एलएफपीआर 48.1 फीसदी था। पिछली तिमाही में एलएफपीआर बढ़ने की वजह महिलाओं की लेबर फोर्स में अधिक भागीदारी रही यानी कि अधिक महिलाएं रोजगार से जुड़ीं। फीमेल एलएफपीआर पिछले महीने 50 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी के साथ 20.9 फीसदी पर पहुंच गया जबकि पुरुषों का एलएफपीआर 10 बेसिस प्वाइंट्स (0.10 फीसदी) की तेजी के साथ 73.5 फीसदी रहा।