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e-Rupee Voucher: क्या है ई-रूपी वाउचर, यह कैसे काम करता है?

एक बार मोबाइल में क्यूआर कोड या एसएमएस स्ट्रिंग मिल जाने पर पैसा उसके पास पहुंच जाता है। यूजर को इस वाउचर को रिडीम करने के लिए किसी कार्ड, डिजिटल पेमेंट एप या इंटरनेट बैंकिंग की जरूरत नहीं पड़ती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 10, 2022 पर 11:41 AM
e-Rupee Voucher: क्या है ई-रूपी वाउचर, यह कैसे काम करता है?
डिजिटल वाउचर ई-रूपी प्लेटफॉर्म को नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने तैयार किया है। इसमें डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज के साथ कुछ और मंत्रालयों ने भी सहयोग दिया है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गुरुवार को ई-रूपी प्रीपेड डिजिटल वाउचर की लिमिट बढ़ा दी है। इसे 10,000 रुपेय से बढ़ाकर प्रति वाउचर एक लाख रुपये कर दिया गया है। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने यह भी कहा कि इसका इस्तेमाल एक से ज्यादा बार किया जा सकेगा। आइए जानते हैं क्या है ई-रूपी प्रीपेड वाउचर।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का फोकस इंडिया को डिजिटल इकोनॉमी बनाने पर है। इसी को ध्यान में रख पिछले साल अगस्त में सरकार ने एक नया प्रोडक्ट लॉन्च किया था। इसे डिजिटल वाउचर ई-रूपी नाम दिया गया। यह पेमेंट का एक कैशलेस और कॉन्टैक्टलेस तरीका है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसके इस्तेमाल से सरकार अपनी वेल्फेयर स्कीम के तहत पैसे सीधे लाभार्थियों तक पहुंचा सकती है। इसमें कोई मिडिलमैन या इंटरमीडियरी की मौजूदगी नहीं होती है।

क्या है ई-रूपी वाउचर?

डिजिटल वाउचर ई-रूपी प्लेटफॉर्म को नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने तैयार किया है। इसमें डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज के साथ कुछ और मंत्रालयों ने भी सहयोग दिया है। डिजिटल वाउचर ई-रूपी एक क्यूआर कोड या एसएमएस आधारित ई-वाउचर है, जिस सीधे लाभार्थी के मोबाइल में भेज दिया जाता है।

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