राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में निजी कारों (Private Cars) को अब कमर्शियल व्हीकल के रूप में रजिस्टर किया जा सकता है। दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार (Delhi government) इसके लिए एक नई "स्कूल कैब पॉलिसी (School Cab Policy)" ला रही है। दिल्ली में मौजूदा नियमों के मुताबिक, स्कूली बच्चों के लिए कैब चलाने के इच्छुक व्यक्ति को एक नया वाहन खरीदना होता है और उसे स्कूल कैब कैटेगरी में रजिस्टर कराना होता है।
सूत्रों के मुताबिक, नई पॉलिसी के तहत स्कूली बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने के लिए निजी वाहन का इस्तेमाल सिर्फ कुछ बदलावों के जरिए किया जा सकता है। इन संशोधनों में अन्य चीजों के साथ-साथ इसमें सबसे पहले स्पीड गवर्नर (Speed Governor) इंस्टॉल किया जाएगा। साथ ही बैग ले जाने के लिए रूफ करियर (Roof Career) यानी गाड़ी की छत बनाई जाएगी। नई पॉलिसी केवल CNG-ईंधन वाले निजी वाहनों पर लागू होंगे।
नई पॉलिसी को सभी विभागों द्वारा पुनरीक्षित किए जाने के बाद पब्लिक डोमेन में रखा जाएगा। अभी वर्तमान नियम के अनुसार यदि कोई स्कूली बच्चों के लिए कैब चलाना चाहता है, तो उसे एक नया वाहन खरीदना होता है और इसे स्कूल कैब कैटेगरी के तहत रजिस्ट्रेशन करना होता है।
एक बार नई कैब पॉलिसी लागू हो जाने के बाद, एक वैध फिटनेस सर्टिफिकेट के साथ CNG-ईंधन वाले निजी वाहन को कमर्शियली रजिस्टर किया जा सकता है। इसके बाद स्कूली बच्चों को ले जाने के लिए परमिट प्राप्त किया जा सकता है। स्कूल कैब पॉलिसी 2007 में बनाई गई थी। बाद में इस कैटेगरी में केवल नए वाहनों को रजिस्टर करने की शर्त रखी गई थी।