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Russia-Ukraine Conflict: यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले इंडियन स्टूडेंट्स के लिए आगे क्या हैं विकल्प?

2014 में ऐसी ही स्थिति सामने आई थी। तब क्रीमिया को लेकर यूक्रेन और रूस आमने-सामने आ गए थे। तब कम से कम तीन मेडिकल कॉलेजों के स्टूडेंट्स के भविष्य को खतरा पैदा हो गया था। तब कई स्टूडेंट्स को दूसरी यूनिवर्सिटीज में ट्रांसफर कराया गया था

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 28, 2022 पर 5:01 PM
Russia-Ukraine Conflict: यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले इंडियन स्टूडेंट्स के लिए आगे क्या हैं विकल्प?
यूक्रेन (Ukraine) में इंडिया के एमबीबीएस के हजारों स्टूडेंट्स हैं। इनमें से कुछ इंडिया लौट आए हैं। ज्यादातर अभी वहीं फंसे हैं।

यूक्रेन (Ukraine) में इंडिया के एमबीबीएस के हजारों स्टूडेंट्स हैं। इनमें से कुछ इंडिया लौट आए हैं। ज्यादातर अभी वहीं फंसे हैं। इन स्टूडेंट्स के फ्यूचर को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। उनकी आगे की पढ़ाई का क्या होगा, उनकी फीस का क्या होगा, क्या वे पड़ोसी देशों की दूसरी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई जारी रख सकेंगे? मनीकंट्रोल ने इन सवालों के जवाब जानने के लिए स्टडी एब्रोड कंसल्टेंसी फर्म एमबीबीएस गुरुकुल के हेड नीरज चौरसिया से बात की। आइए जानते हैं इस बातचीत की प्रमुख बातें।

यूक्रेन से इंडिया लौटने वाले इंडियन स्टूडेंट्स के लिए आगे क्या विकल्प उपलब्ध हैं?

दो ऑप्शन हैं-पहला, उसी इंस्टीट्यूशन और यूनिवर्सिटी में कंटिन्यू किया जाए और कुछ महीनों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की जाए। दूसरा, उन्हें पड़ोसी देशों और दूसरे यूनिवर्सिटी में ट्रांसफर कराने का विकल्प दिया जाए। यूनिवर्सिटीज एंड स्टडी एब्रोड कंसल्टेंट्स उन्हें किर्गिजस्तान, उजबेकिस्तान और कजाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों के मेडिकल कॉलेज में ट्रांसफर कराने में हेल्प कर सकते हैं। पड़ोसी देशों के मेडिकल कॉलेजों का एजुकेशन सिस्टम और फीस सिमिलर हैं।

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