Prayagraj Protest: यूपी के प्रयागराज में छात्रों का दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी, UPPSC का आया बयान, विपक्षी नेता हुए हमलावर

UPPSC Exam Date 2024 Protest: प्रयागराज में अभ्यर्थियों का उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ( UPPSC) कार्यालय के बाहर दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी है। देर रात जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस कमिश्नर ने आयोग में बैठक की, जो बेनतीजा रही। फिलहाल, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और पुलिस के जवान मौके पर मौजूद हैं

अपडेटेड Nov 12, 2024 पर 2:09 PM
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UPPSC Exam Date 2024 Protest: प्रयागराज में यूपी लोकसेवा आयोग के खिलाफ प्रतियोगी छात्रों का प्रदर्शन जारी है

UPPSC Exam Date 2024 Protest: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के PCS प्री (Provincial Civil Services- Preliminary Examination) और RO (Review Officer)-ARO (Assistant Review Officer) की परीक्षा दो दिन में संपन्न कराने के निर्णय के विरोध में सोमवार (11 नवंबर) को शुरू हुआ छात्र आंदोलन प्रयागराज में यूपीपीएससी मुख्यालय के सामने मंगलवार (12 नवंबर) को दूसरे दिन भी जारी है। देर रात जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस कमिश्नर ने आयोग में बैठक की, जो बेनतीजा रही।

अधिकारियों ने बताया कि सोमवार आधी रात कमिश्नर, DM और आयोग के बीच हुई बैठक बेनतीजा रही। आंदोलनकर्मी छात्रों ने सोमवार रात खुले आसमान के नीचे गुजारी और मंगलवार की सुबह फिर से धरना प्रदर्शन में जुट गए। जो छात्र छात्राएं रात में अपने घर चले गए थे, वे मंगलवार की सुबह आयोग के मुख्यालय के गेट पर पुन: एकत्रित हो गए और आंदोलन शुरू कर दिया।

प्रतियोगी छात्रों ने सोमवार सुबह से लोक सेवा आयोग के गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू किया। दिन ढलने के साथ हजारों की संख्या में छात्रों ने मोबाइल फोन की टार्च जलाकर एकता दिखाई। आयोग ने पिछले मंगलवार को इन परीक्षाओं की तिथियों की घोषणा की।


पीसीएस प्री की परीक्षा के लिए सात और आठ दिसंबर की तिथि घोषित की गई है। वहीं समीक्षा अधिकारी एवं सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ..एआरओ) प्री की परीक्षा के लिए 22 और 23 दिसंबर की तिथि घोषित की गई है। छात्र अलग-अलग शिफ्ट में परीक्षा आयोजित कराए जाने के नियम को बदलने की मांग कर रहे हैं।

आंदोलन शुरू होने के समय आयोग के आसपास भारी संख्या में तैनात पुलिसकर्मियों ने छात्रों को गेट नंबर दो की तरफ आने से रोका। लेकिन भारी संख्या में छात्र छात्राओं की भीड़ बैरिकेड को पार करते हुए गेट के पास पहुंची और धरने पर बैठ गई। पुलिस ने छात्रों को तितर बितर करने के लिए उन्हें खदेड़ा, लेकिन आंदोलनरत छात्र फिर से वहां एकत्रित हो गए।

UPPSC का आया बयान

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने सोमवार की रात एक बयान जारी कर कहा था, "परीक्षाओं की शुचिता और छात्रों के भविष्य को संरक्षित करने के उद्देश्य से परीक्षाएं केवल उन केंद्रों पर कराई जा रही हैं, जहां किसी प्रकार की गड़बड़ियों की कोई संभावना नहीं है। पूर्व में दूर-दराज के परीक्षा केंद्रों में कई प्रकार की गड़बड़ियां संज्ञान में आयी हैं, जिन्हें खत्म करने के लिए यह कदम उठाए गए हैं।" बयान में आयोग ने कहा कि परीक्षाओं के संबंध में अभ्यर्थियों ने आयोग को पत्र भेजकर बताया है कि कुछ टेलीग्राम चैनलों एवं यू ट्यूबर्स द्वारा परीक्षा को टलवाने की साजिश की जा रही है।

विपक्ष हुआ हमलावर

छात्रों के आंदोलन के प्रति समर्थन जताते हुए बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने मंगलवार को पूछा कि 'क्या उप्र के पास एक समय में परीक्षा कराने की बुनियादी सुविधाओं का इतना अभाव है कि पीसीएस आदि जैसी विशिष्ट परीक्षा दो दिन में करानी पड़ रही है।' मायावती ने X पर पोस्ट किया, "उत्तर प्रदेश संघ लोक सेवा आयोग द्वारा पीसीएस तथा आरओ-एआरओ की भी प्रारंभिक परीक्षा-2024 एक समय में कराने में विफलता को लेकर आक्रोशित छात्रों पर पुलिस कार्रवाई से उत्पन्न स्थिति संबंधी खबर का व्यापक चर्चा में रहना स्वाभाविक है।''

उन्होंने सरकार से पूछा, "क्या उप्र के पास एक समय में परीक्षा कराने की बुनियादी सुविधाओं का इतना अभाव है कि पीसीएस आदि जैसी विशिष्ट परीक्षा दो दिन में करानी पड़ रही है? पेपर लीक पर रोक व परीक्षाओं की विश्वसनीयता अहम मुद्दा है, जिसके लिए एक बार में ही परीक्षा व्यवस्था जरूरी है। सरकार इस ओर ध्यान दे।"

मायावती ने साथ ही कहा कि गरीबी, बेरोजगारी एवं महंगाई आदि की गहरी मार झेल रहे छात्रों के प्रति सरकार का रवैया क्रूर नहीं बल्कि सहयोग एवं सहानुभूति का होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार खाली पड़े सभी बैकलाग पर जितनी जल्दी भर्ती की प्रक्रिया पूरी करे, उतना बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि लोगों को रोज़ी-रोजगार की सख्त जरूरत है।

लाठीचार्ज से कांग्रेस नाराज

कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि प्रयागराज में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की मनमानी के खिलाफ आवाज उठा रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और पहले भी नौकरी की मांग कर रहे युवाओं की आवाज को कुचलने का प्रयास किया गया है। कांग्रेस के प्रभारी महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रयागराज में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया।

उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की मनमानी के खिलाफ आवाज उठा रहे छात्रों की बातों को ध्यान से सुना जाना चाहिए। रमेश ने दावा किया, "यह पहला मौका नहीं है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) युवाओं की आवाज़ को इस तरह से दबाने का प्रयास कर रही है। इससे पहले भी नौकरी की मांग करने या भर्ती घोटाले एवं पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने पर उनकी आवाज को कुचलने का प्रयास किया गया है।"

उन्होंने कहा कि युवाओं की इन समस्याओं को समझते हुए ही कांग्रेस पार्टी ने युवा न्याय गारंटी के तहत ठोस पहल करने की बात कही थी। उन्होंने कहा, "इसके तहत हमने 30 लाख सरकारी पदों पर तत्काल स्थायी नियुक्ति की गारंटी, प्रश्न पत्र लीक से मुक्ति और नौकरी कैलेंडर के माध्यम से समयबद्ध भर्ती समेत पांच वादे किए थे।"

"योगी बनाम प्रतियोगी छात्र हुआ माहौल"

छात्रों के आंदोलन के समर्थन में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को कहा कि माहौल योगी बनाम प्रतियोगी छात्र हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने X पर लिखा, "आज प्रदेश के प्रतियोगी परीक्षाओं के हर अभ्यर्थी, हर छात्र, हर युवक युवती की जुबान पर जो बात है वह यह है कि नौकरी भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं। उन्होंने चलवाया लाठी डंडा, नौकरी नहीं जिनका एजेंडा।"

अखिलेश यादव ने कहा, "भाजपा के लोग जनता को रोजी रोटी के संघर्ष में उलझाए रखने की राजनीति करते हैं जिससे भाजपाई सांप्रदायिक राजनीति की आड़ में भ्रष्टाचार करते रहें। सालों साल रिक्तियां या तो निकलती नहीं है या फिर परीक्षा की प्रक्रिया पूरी नहीं होती है।"

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने छात्रों को पढ़ाई की मेज से उठाकर सड़कों पर लाकर खड़ा कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि यही आक्रोशित अभ्यर्थी और उनके हताश निराश परिवारवाले अब भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन रहे हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि नौकरी-पेशा, पढ़ा-लिखा मध्यम वर्ग अब भावना में बहकर भाजपा के बहकावे में आने वाला नहीं है।

अखिलेश यादव ने कहा, "अब ये लोग भी भाजपा की नकारात्मक राजनीति के झांसे में आने वाले नहीं हैं। ये लोग अब बांटने वाली सांप्रदायिक राजनीति को नकार कर जोड़ने वाली सकारात्मक राजनीति को गले लगा रहे हैं। अब कोई भाजपाइयों का मानसिक गुलाम बनने को तैयार नहीं हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "अब लोग समझ गए हैं कि भाजपा सरकार के रहते कुछ भी नहीं होने वाला। भाजपा के पतन में ही छात्रों का उत्थान है। भाजपा और नौकरी में विरोधाभासी संबंध है। जब भाजपा जाएगी, तभी नौकरी आएगी।"

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