अमेरिकी वित्त मंत्री जेनेट येलेन (Janet Yellen) नवंबर में इंडिया आएंगी। उन्होंने मंगलवार को इसका ऐलान किया। वह इंडिया में यूएस इंडिया इकोनॉमिक एंड फाइनेंशियल पार्टनरशिप के नौवें एडिशन में हिस्सा लेंगी। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे अहम आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिहाज से अमेरिका और इंडिया के संबंध काफी अहम हैं।
येलेन ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बातचीत के मौके पर संवाददाताओं से ये बातें कहीं। सीतारमण अमेरिका की यात्रा पर हैं। अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा, "यह आज बताते हुए मुझे काफी खुशी हो रही है कि मैं जी20 मीटिंग्स से पहले नवंबर में बतौर वित्त मंत्री पहली बार इंडिया जाउंगी। मैं वहां US-India Economic and Financial Partnership में हिस्सा लूंगी। यह नौवीं पार्टनरशिप मीटिंग होगी।"
उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों के बीच करीब रिश्तों का पता चलता है। हमारे रिश्ते में Quad Partnership से मजूबत द्विपक्षीय संबंध और अमेरिका में रहने वाले भारतीयों के साथ सांस्कृतिक जुड़ाव शामिल हैं। सीतारमण अमेरिका की पांच दिन की यात्रा पर गई हैं। वह वहां IMF और World Bank की सालाना बैठकों में हिस्सा लेंगी। इस बीच वह कई द्विपक्षीय बातचीत में हिस्सा ले रही हैं।
अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा, "अमेरिका और इंडिया वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बहुत अहम हैं। हमें आर्थिक विकास और सहयोग के क्षेत्र में मिलकर काम करना जारी रखना चाहिए। इससे हमारी पार्टनरशिप बहुत मजबूत हुई है।" उन्होंने बताया कि कोरोना की महामारी और फिर यूक्रेन-रूस की लड़ाई के चलते अमेरिका और इंडिया दोनों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।
येलेन ने कहा कि दोनों झटकों की वजह से अमेरिका और इंडिया में एनर्जी और फूड प्राइसेज बढ़े हैं। दोनों अर्थव्यवस्थाओं को मुश्किल हालात से उबरने में हमारी पार्टनरिशप की भूमिका का महत्व पता चला है। उन्होंन सीतारमण के साथ जिन मसलों पर बात होने वाली है, उसके बारे में भी संकेत दिए। उन्होंने कहा कि हम सप्लाई चेन और क्लीन एनर्जी में निवेश के मसलों पर बातचीत को लेकर आशावान हैं। इसके अलावा दुनिया में ऑयल की सप्लाई बढ़ाने के लिए अमेरिकी की तरफ से उठाए जा रहे कदमों पर भी चर्चा होगी।
अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा कि यह बहुत अहम है, क्योंकि एनर्जी की बढ़ती कीमतों ने अमेरिका और इंडिया दोनों ही देशों में लोगों पर असर डाला है। उन्होंने कहा, "दिसंबर में इंडिया का जी20 का अध्यक्ष बनना भी ग्लोबल कोऑपरेशन के लिए एक बहुत बड़ा अवसर है। मैं इंडिया की प्राथमिकताओं के बारे में बातचीत करने को लेकर आशावान हूं।"