83 Movie Review: बॉलीवुड के हरफनमौला अभिनेता रणवीर सिंह (Ranveer Singh) और दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) की फिल्म 83 इसी महीने 24 दिसंबर को रिलीज होने वाली है। मेकर्स ने मीडिया के लिए फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग की थी। इस दौरान हमारी इंटरटेनमेंट टीम ने फिल्म देख ली है और आपके लिए लाए हैं फिल्म का रिव्यू। फिल्म देखने के बाद ऐतिहासिक क्रिकेट वर्ल्ड कप की यादें ताजा हो जाती हैं।
25 जून 1983 की तारीख भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है जब हर देशवासी का सिर गर्व से ऊंचा हो गया था और आंखें नम थीं। भारतीय क्रिकेट टीम ने फाइनल मैच में वेस्टइंडीज को 43 रन से हराकर पहला वर्ल्ड कप अपने नाम किया। लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट मैदान पर खेले गए इस मैच की कप्तानी कपिल देव (Kapil Dev) के कंधों पर थी।
डायरेक्टर कबीर खान (Kabir Khan) ने इस रोमांचक जीत की कहानी को पर्दे पर उतारने का काम किया है और यह कहने में गुरेज नहीं कि वह इस काम में कामयाब हो गए हैं। जब दर्शक देखते हैं कि वर्ल्ड कप की जीत में खून का कतरा तक बहा तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
कपिल देव के नेतृत्व में 1983 की भारतीय क्रिकेट टीम को इससे अधिक उपयुक्त श्रद्धांजलि नहीं मिल सकती थी। पहला विश्वकप हासिल करने के दौरान क्रिकेट के मैदान में क्या हुआ था, यह तो हम सबने फिर भी सुना होगा, लेकिन उस जीत ने कैसे आने वाली पीढ़ियों को इस खेल का दीवाना बना दिया। यह इस फिल्म में कबीर खान ने बखूबी दिखाया है।
अगर इसे पूरी तरह कपिल देव का रोल करने वाले रणवीर सिंह की फिल्म कहा जाए, तो गलत नहीं होगा। अपनी भूमिका को डूब कर करने वाले रणवीर ने अपने फिल्मी कैरियर का एक और शानदार रोल इस फिल्म में किया है।
रणवीर सिंह ने फिल्म में पैसा वसूल काम किया है। उन्होंने बल्लेबाजी के स्टांस, बॉलिंग ऐक्शन और कपिल देव के बोलने के तरीके की शानदार कॉपी की है। कई मौकों पर दोनों में बस बाल भर का अंतर मिलता है। सीधे-सीधे कहा जाए तो कपिल देव के नेतृत्व में 1983 की भारतीय क्रिकेट टीम को इससे अधिक उपयुक्त श्रद्धांजलि नहीं मिल सकती थी।