Punjab Election 2022: ड्रग्स केस में अकाली दल के पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया के खिलाफ FIR दर्ज, किसी भी वक्त हो सकती है गिरफ्तारी

पंजाब चुनाव 2022 से पहले लिए गए इस फैसले से राजनीतिक तापमान बढ़ाने की संभावना है

अपडेटेड Dec 21, 2021 पर 2:03 PM
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मजीठिया के खिलाफ ड्रग्स केस को लेकर लगातार आरोप लगाए जा रहे थे

Punjab Election 2022: पंजाब पुलिस (Punjab Police) ने पूर्व मंत्री और शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया (Bikram Singh Majithia) के खिलाफ ड्रग्स मामले में केस दर्ज कर लिया है। सूत्रों ने कहा कि ताजा जांच में बनूर ड्रग तस्करी मामले में मजीठिया की कथित संलिप्तता का संकेत मिलने के बाद FIR दर्ज की गई है। इससे पहले मजीठिया इस मामले में बरी हो चुके हैं। पंजाब चुनाव 2022 से पहले लिए गए इस फैसले से राजनीतिक तापमान बढ़ाने की संभावना है।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह FIR मोहाली में ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (BOI) ने स्टेट क्राइम पुलिस थाने में केस दर्ज कराया है। यह केस NDPS एक्ट की धारा 25/27A/29 के तहत दर्ज किया गया है। माना जा रहा है अकाली नेता की गिरफ्तारी अब किसी भी वक्त हो सकती है।

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अकाली दल के नेताओं ने आरोप लगाया है कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) और पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjit Singh Channi) के दबाव में मजीठिया के खिलाफ केस दर्ज की गई है। मजीठिया पर जांच के लिए सिद्धू लगातार मुख्यमंत्री चन्नी पर दबाव बनाए हुए थे।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बिक्रम मजीठिया के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है। यह रिपोर्ट 2018 में ADGP हरप्रीत सिद्धू की अगुवाई में तैयार हुई थी, जिसमें मजीठिया का नाम होने का दावा है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अकाली दल को इसकी भनक पहले ही लग चुकी थी। सूत्रों की मानें तो मजीठिया के अंडरग्राउंड होने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि अकाली नेता पंजाब से बाहर जा चुके हैं। उनके साथ पंजाब पुलिस के जवान नहीं है और वह सिर्फ केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों को साथ लेकर गए हैं।

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बता दें कि मजीठिया पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल (Sukhbir Singh Badal) के साले और पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद हरसिमरत कौर (Harsimrat Kaur) के भाई हैं। मजीठिया का 6 हजार करोड़ रुपये के ड्रग केस में नाम सामने आया था।

अकाली दल ने सभी आरोपों का खंडन किया है और इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। पार्टी सुप्रीमो और पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि कोई सबूत नहीं होने के बावजूद, सरकार ने जल्दबाजी में काम किया है और अपने भयावह एजेंडे को उजागर किया है।

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