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'अरूणाचल भारत का अभिन्न हिस्सा है, मनगढंत नाम रखने से हकीकत नहीं बदल जाएगी', चीन को भारत का करार जवाब

India-China Tensions: पूर्वी लद्दाख में जारी तनाव के बीच भारत के खिलाफ चीन अपनी चालबाजियों से बाज नहीं आ रहा है। नई दिल्ली एवं बीजिंग के बीच दरार को और गहरा करते हुए चीन ने अरुणाचल प्रदेश के 11 स्थानों का नाम बदल दिया है। ये वही इलाके हैं, जिन्हें चीन दक्षिण तिब्बत का हिस्सा मानता है। भारत ने अब चीन को करार जवाब दिया है

Curated By: Akhileshअपडेटेड Apr 04, 2023 पर 3:39 PM
'अरूणाचल भारत का अभिन्न हिस्सा है, मनगढंत नाम रखने से हकीकत नहीं बदल जाएगी', चीन को भारत का करार जवाब
India-China Tensions: भारत ने चीन को करार जवाब देते हुए कहा कि मनगढंत नाम रखने से यह हकीकत बदल नहीं जाएगी

India-China Tensions: भारत (India) ने अरूणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) के 11 स्थानों का चीन (China) द्वारा पुन: नामकरण करने को सिरे से खारिज करते हुए मंगलवार को कहा कि यह राज्य भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने चीन को करार जवाब देते हुए कहा कि मनगढंत नाम रखने से यह हकीकत बदल नहीं जाएगी। बता दें कि हाल ही में चीन ने अरुणाचल प्रदेश के लिए चीनी, तिब्बती और पिनयिन अक्षरों में नामों की तीसरी लिस्ट जारी की है।

बागची ने कहा कि हमने ऐसी खबरें देखी हैं। यह पहली बार नहीं है जब चीन ने ऐसा प्रयास किया है। हम इसे सिरे से खारिज करते हैं। उन्होंने कहा कि अरूणाचल प्रदेश हमेशा से भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा था और रहेगा। गढ़े गए नाम रखने से यह हकीकत बदल नहीं जाएगी।

भारत इससे पहले भी अरुणाचल प्रदेश में कुछ स्थानों के नाम बदलने के चीनी कदम को खारिज कर चुका है। भारत कहता रहा है कि अरुणाचल प्रदेश सदैव भारत का अभिन्न अंग रहा है तथा हमेशा रहेगा। गढ़े गए नामों से यह तथ्य नहीं बदलता।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने दिसंबर 2021 में भी कहा था कि यह पहली बार नहीं है, जब चीन ने अरुणाचल प्रदेश में इस तरह से स्थानों का नाम बदलने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा था कि अरुणाचल प्रदेश हमेशा से भारत का अभिन्न अंग रहा है, और सदा रहेगा। अरुणाचल प्रदेश में स्थानों को गढ़े गए नाम देने से यह तथ्य नहीं बदल जाता।

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