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Indian Army: सेना में बदले गए फिटनेस के नियम, अब बजन बढ़ा तो सैनिकों की कट सकती हैं छुट्टियां

Indian Army: भारतीय सेना के अधिकारियों एवं जवानों के गिरते शारीरिक स्तर को देखते हुए भारतीय सेना में एक नई पॉलिसी लाई जा रही है। इसके तहत, अगर अधिक वजन वाले अधिकारी 30 दिनों के अंदर अपने शरीर में कोई सुधार नहीं करते, तो उनपर कार्रवाई हो सकती है। अधिक वजन वाले अधिकारियों के लिए दंडात्मक कार्रवाई का भी प्रावधान है। इसके तहत मौजूदा टेस्ट में नए टेस्ट्स के साथ ही प्रत्येक अधिकारी के लिए एक आर्मी फिजिकल फिटनेस असेसमेंट कार्ड (APAC) भी जरूरी होगा

Akhileshअपडेटेड Jan 29, 2024 पर 7:15 PM
Indian Army: सेना में बदले गए फिटनेस के नियम, अब बजन बढ़ा तो सैनिकों की कट सकती हैं छुट्टियां
Indian Army: अगर कोई सुधार नहीं हुआ तो अधिक वजन वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा

Indian Army Launches New Fitness policy: भारतीय सेना अधिकारियों एवं सैनिकों के बीच घटते फिजिकल स्टैंडर्स को देखते हुए एक नई 'फिटनेस पॉलिसी' लेकर आई है। इस पॉलिसी में 30 दिनों के भीतर फिटनेस में कोई सुधार नहीं होने पर अधिक वजन वाले अधिकारियों के लिए दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। इसके तहत मौजूदा टेस्ट में नए टेस्ट्स के साथ ही प्रत्येक अधिकारी के लिए एक आर्मी फिजिकल फिटनेस असेसमेंट कार्ड (APAC) भी जरूरी होगा।

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय सेना में अब नई पॉलिसी लागू हो गई है, जिसके तहत कई नई जांचों को शामिल किया गया है। खास बात है कि नए मानकों पर खरा नहीं उतरने वाले सैनिकों या अधिकारियों को पहली बार सुधार के लिए 30 दिनों का समय दिया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसा नहीं होने पर अधिक वजन वाले कर्मचारियों की छुट्टियों में कटौती जैसे कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

अंग्रेजी अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, नए नियमों के तहत हर सैन्य अधिकारी को आर्मी फिजिकल फिटनेस असेसमेंट कार्ड (APAC) तैयार रखना होगा। नए पॉलिसी के अनुसार, हर तीन महीने पर होने वाले इन टेस्ट्स पर कमांडिंग अधिकारी के बजाय ब्रिगेडियर रैंक का एक अधिकारी भी नजर रखेगा। भारतीय सेना ने मोटापे या खराब जीवनशैली अपना रहे सैनिकों एवं अधिकारियों के खिलाफ एक्शन के लिए नई पॉलिसी को लेकर आई है।

सुधार के लिए 1 महीने का मिलेगा समय

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