Madhya Pradesh New Liquor Policy: मध्य प्रदेश में शराब सेवन को हतोत्साहित करने की दिशा में राज्य सरकार ने रविवार को ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए नई आबकारी नीति पर मुहर लगा दी। इसके तहत प्रदेश में संचालित सभी शराब अहातों और ‘शॉप बार’ को बंद किया जाएगा। राज्य मंत्रिमंडल ने ‘शॉप बार’ पर शराब पीने की सुविधा खत्म करने एवं शराब दुकान पर सिर्फ शराब की बिक्री करने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। यह घोषणा भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वरिष्ठ नेता उमा भारती की मध्य प्रदेश में ‘नियंत्रित शराब नीति’ की मांग के बीच आई है।
मध्य प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने मंत्रिमंडल की बैठक में हुए अहम निर्णयों की जानकारी देते हुए पत्रकारों से कहा कि प्रदेश में शराब सेवन को हतोत्साहित करने की दिशा में मंत्रिमंडल ने आज ऐतिहासिक निर्णय लिया है। प्रदेश में जितने भी शराब अहातें और शॉप बार हैं, सभी को बंद किया जा रहा है। कोई अहाता अब प्रदेश में संचालित नहीं रहेगा
उन्होंने कहा कि शराब दुकान पर सिर्फ मदिरा की बिक्री की जाएगी। शराब दुकानों पर बैठकर मदिरा पीने की सुविधा भी अब प्रदेश में बंद हो जाएगी। मंत्री ने कहा कि शैक्षणिक और धार्मिक संस्थानों से भी शराब दुकानों की दूरी को 50 मीटर से बढ़ाकर 100 मीटर कर दिया गया है। इसके साथ ही शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर भी सख्ती बढ़ाई जाएगी।
मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शराब पीने को हतोत्साहित करने के लिए काम कर रहे हैं। इसलिए 2010 के बाद से राज्य में कोई नई शराब दुकान नहीं खोली गई बल्कि, उलटे बंद ही की गई हैं।
उन्होंने आगे कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान भी मध्य प्रदेश में 64 शराब दुकानें मुख्यमंत्री जी (शिवराज सिंह चौहान) द्वारा बंद की गई थीं। नई आबकारी नीति जो आई है, वह मदिरा के सेवन को हतोत्साहित करने वाली ही है। पूर्ण शराबबंदी की मांग के साथ अपना अभियान शुरू करने वाली उमा भारती अब राज्य में बिक्री को नियमित करने की मांग कर रही हैं, जहां साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं।