Get App

ओडिशा ट्रेन हादसा: CAG ने दिसंबर में ट्रेनों के पटरी से उतरने पर जताई थी चिंता, क्या नजरअंदाज कर दी गई थी चेतावनी?

ओडिशा ट्रेन हादसा: 21 दिसंबर, 2022 को इस दुर्घटना से छह महीने से भी कम समय पहले, भारत के कम्पट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (CAG) ने संसद में 'ट्रेन के पटरी से उतरने' पर अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें कहा गया है कि 2017-18 और 2020-21 के बीच 10 में से लगभग सात रेल हादसे, ट्रेन के पटरी से उतरने के थे। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि ट्रैक रिन्यूअल के लिए फंड में भी कमी आ रही थी, और यहां तक ​​कि अलॉट की गई रकम का भी पूरी तरह से इस्तेमाल नहीं किया गया था

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 03, 2023 पर 10:18 PM
ओडिशा ट्रेन हादसा: CAG ने दिसंबर में ट्रेनों के पटरी से उतरने पर जताई थी चिंता, क्या नजरअंदाज कर दी गई थी चेतावनी?
ओडिशा के बालासोर जिले में पटरी से उतरने वाली तीनों ट्रेनों के घटनास्थल पर रेस्क्यू में जुटे बचावकर्मी (PHOTO-AP)

Odisha Train Accident: 2 जून की रात ओडिशा (Odisha) के बालासोर (Balasore) में तीन ट्रेनों की भीषण टक्कर ने देश को हिलाकर रख दिया। तब से, न्यूज चैनल और सोशल मीडिया पर दिल दहला देने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं, और हताहतों के आंकड़े भी धीर-धीरे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री से लेकर अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया और एक हाई लेवल जांच का आश्वासन दे दिया। लेकिन एक सवाल, जो हर किसी के दिमाग में उठ रहा है, वो ये कि क्या इस हादसे को टाला जा सकता था? हैरानी की बात ये है कि पहले इस तरह के हादसे को लेकर चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन इस दुर्घटना के बाद से ऐसा लगता है कि इसे नजरअंदाज कर दिया गया था।

21 दिसंबर, 2022 को इस दुर्घटना से छह महीने से भी कम समय पहले, भारत के कम्पट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (CAG) ने संसद में 'ट्रेन के पटरी से उतरने' पर अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें कहा गया है कि 2017-18 और 2020-21 के बीच 10 में से लगभग सात रेल हादसे, ट्रेन के पटरी से उतरने के थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रैक की खराबी, इंजीनियरिंग और मेंटेनेंस में कमी, और ऑपरेशनल खामियों के कारण ये ट्रनें पटरी से उतरी थीं।

रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि ट्रैक रिन्यूअल के लिए फंड में भी कमी आ रही थी, और यहां तक ​​कि अलॉट की गई रकम का भी पूरी तरह से इस्तेमाल नहीं किया गया था।

ये सब बेहद चिंताजनक है, क्योंकि रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि 2017-21 के दौरान पटरी से उतरने की कुल घटनाओं में 26 प्रतिशत हादसे ट्रैक रिन्यूअल से जुड़े थे।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें