Nagaland Firing: नगालैंड फायरिंग मामले को लेकर आज संसद में बयान देंगे गृह मंत्री अमित शाह, जवान सहित 14 नागरिकों की हुई है मौत

सेना ने रविवार को इस मामले की ‘कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी’ का आदेश दे दिया है और घटना पर गहरा खेद व्यक्त किया

अपडेटेड Dec 06, 2021 पर 11:13 AM
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नगालैंड गोलीबारी में 14 लोगों की मौत

Nagaland Firing LIVE Updates: नगालैंड के मोन जिले में सुरक्षाबलों की कथित फायरिंग में 13 नागरिकों की मौत के मामले में आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद के दोनों सदनों में बयान देंगे। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, विपक्षी नेताओं द्वारा नगालैंड नागरिकों की हत्या पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव नोटिस देने के बाद शाह के दोपहर में लोकसभा के साथ-साथ राज्यसभा में भी बयान देने की उम्मीद है।

सेना ने कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश दिया

नगालैंड पुलिस ने आर्मी यूनिट के खिलाफ अपनी FIR में आरोप लगाया है कि भारतीय सेना के 21 पैरा स्पेशल बलों ने असम सीमा के पास नगालैंड के मोन जिले के ओटिंग में अंधाधुंध फायरिंग की, जिसके परिणामस्वरूप 13 ग्रामीणों की मौत हो गई।


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सेना ने कहा कि कई सुरक्षाकर्मी अभियान में गंभीर रूप से घायल हुए हैं और एक जवान की मौत हो गई है। सेना ने रविवार को इस मामले की कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश दिया और इस घटना पर गहरा खेद व्यक्त किया।

13 नागरिकों की मौत

नगालैंड के मोन जिले के ओटिंग गांव में सुरक्षा बलों की कथित गोलीबारी में 13 नागरिकों की मौत हो गई और एक जवान शहीद हो गया। सूत्रों ने रविवार को बताया कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई से इलाके में तनाव और अशांति पैदा हो गई और प्रदर्शनकारियों ने असम राइफल्स के शिविर को जलाने की कोशिश की। आधिकारिक तौर पर मारे गए नागरिकों की संख्या की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सुरक्षा बलों की गोलीबारी में 13 नागरिक मारे गए हैं।

सीएम ने SIT गठित की

नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफियो रियो ने भी घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसकी जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की घोषणा की है। सेना से जुड़े सूत्रों ने बताया कि वे अभी भी इस क्षेत्र में मौजूद कुछ भूमिगत सशस्त्र कैडरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बारे में जानकारी एकत्र कर रहे हैं। हिंसा में घायल जवानों को असम के डिब्रूगढ़ जिले के दिनजान आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूत्रों ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और नागरिकों के मारे जाने की घटना की जांच चल रही है।

क्या है पूरा मामला?

गोलीबारी की पहली घटना तब हुई जब शनिवार शाम कुछ कोयला खदान कर्मी एक पिकअप वैन में सवार होकर गाना गाते हुए घर लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि सुरक्षा बलों ने श्रमिकों को लेकर जा रहे एक पिक-अप वैन पर गोलियां चलाई। इस घटना के समय तिरू क्षेत्र में स्थित एक कोयला खदान में काम करके लौट रहे थे। वहीं सेना ने बयान जारी कर कहा कि वे विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर आगे बढ़ रहे थे।

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सेना ने कहा का विद्रोहियों के संभावित आंदोलन की विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर, तिरु, सोम जिला, नागालैंड के क्षेत्र में एक विशिष्ट अभियान चलाने की योजना बनाई गई थी। अधिकारी ने आगे कहा कि इस घटना और उसके बाद हुई हिंसा के लिए गहरा खेद है। नागरिकों के मारे जाने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के कारणों की उच्च स्तरीय जांच की जा रही है और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा बलों को इस घटना में गंभीर चोटें आई हैं और एक जवान शहीद हो गया है।

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