Sharad Pawar Vs Ajit Pawar: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख अजित पवार ने गुरुवार (23 जनवरी) को 2023 में NCP के विभाजन के बाद पहली बार वसंतदादा चीनी संस्थान (वीएसआई) की वार्षिक आम सभा की बैठक में भाग लिया। लेकिन वह NCP (शरदचंद्र पवार) प्रमुख और संस्थान के अध्यक्ष शरद पवार से कुछ दूरी पर बैठे। अजित पवार पुणे स्थित वीएसआई के सदस्य हैं, जो चीनी उद्योग का एक प्रमुख अनुसंधान संस्थान है।
दरअसल, दोनों को एक-दूसरे के बगल में बैठना था, लेकिन डिप्टी सीएम अजित पवार ने अपनी नेमप्लेट वाली एक कुर्सी दूर कर दी। इससे राज्य के सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल उनके बीच बैठ गए।
जब अजित पवार से ऐसा करने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "बाबासाहेब पवार साहब से बात करना चाहते थे। मैं उनसे (शरद पवार से) कभी भी बात कर सकता हूं। अगर मैं एक कुर्सी दूर भी बैठूं तो मेरी आवाज इतनी तेज होगी कि दूर बैठा कोई भी व्यक्ति सुन सकता है।"
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में दोनों को एक-दूसरे के बगल में बैठने था। मंच पर कुर्सी भी इसी के मुताबिक लगी थी। लेकिन अजित पवार जैसे ही मंच पर पहुंचे तो उनकी नजर सीटिंग व्यवस्था पर गई। उन्होंने तुरंत इसे बदलने के लिए कहा।
इसके बाद सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल को शरद पवार के पास बैठाया गया। अजित पवार ने टेबल पर लगे नेमप्लेट भी हटाने के लिए कहा। NCP प्रमुख ने शरद पवार और राकांपा विधायक दिलीप वल्से पाटिल सहित अन्य नेताओं के साथ बंद कमरे में बैठक भी की।
बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के पास बैठने से दूरी बनाते नजर आए हों। इससे पहले दोनों ने 2025 कृषि महोत्सव के उद्घाटन समारोह में भी एक-दूसरे के पास बैठने से मना कर दिया था।
अजित पवार ने इस मुद्दे पर कहा, "सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल शरद पवार से बात करना चाहते थे। मैं शरद पवार से कभी भी बात कर सकता हूं, इसलिए मैंने बाबासाहेब को बीच में बैठने दिया। मैं दोनों से बातचीत कर सकता था क्योंकि हमारी कुर्सियां पास-पास थीं। बाबासाहेब को पहली बार सहकारिता मंत्री बनने का अवसर मिला, इसलिए मैंने उन्हें वह सम्मान दिया।"
पिछले दिनों कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि NCP के दोनों गुट एकजुट हो सकते हैं। इस दौरान यह चर्चा भी जोरों पर थी कि शरद पवार खुद NDA की अगुवाई वाली 'महायुति' में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इस बारे में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।