Budget 2023: 'दिल्ली वालों के साथ फिर से सौतेला व्यवहार', बजट से क्यों निराश हैं दिल्ली के सीएम केजरीवाल

Budget 2023: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि पिछले साल 1.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक का इनकम टैक्स चुकाने के बावजूद शहर को केंद्रीय बजट 2023-24 में केवल 325 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। केंद्र पर राष्ट्रीय राजधानी के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि बजट में महंगाई और बेरोजगारी की दोहरी समस्याओं से कोई राहत नहीं मिली है

अपडेटेड Feb 01, 2023 पर 8:23 PM
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Budget 2023: केजरीवाल ने कहा कि इस बजट में मंहगाई से कोई राहत नहीं है। उल्टे इस बजट से मंहगाई बढ़ेगी

Budget 2023-2024: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने बुधवार को कहा कि पिछले साल 1.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक का आयकर (income tax) चुकाने के बावजूद राजधानी को केंद्रीय बजट 2023-24 में केवल 325 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। केंद्र पर राष्ट्रीय राजधानी के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि बजट में महंगाई और बेरोजगारी की दोहरी समस्याओं से कोई राहत नहीं मिली है।

केजरीवाल ने एक के बाद एक किए गए सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, “दिल्ली के लोगों के साथ एक बार फिर सौतेला व्यवहार। दिल्ली के लोगों ने पिछले साल 1.75 लाख करोड़ से ज्यादा का आयकर चुकाया । उसमें से दिल्ली के विकास के लिये सिर्फ 325 करोड़ रुपये दिए गए। यह दिल्ली के लोगों के साथ घोर अन्याय है।”

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, “इस बजट में मंहगाई से कोई राहत नहीं है। उल्टे इस बजट से मंहगाई बढ़ेगी। बेरोजगारी दूर करने के लिए कोई ठोस योजना नहीं है। शिक्षा बजट को 2.64 फीसदी से घटाकर 2.5 फीसदी करना दुर्भाग्यपूर्ण है। स्वास्थ्य बजट को 2.2 फीसदी से घटाकर 1.98 प्रतिशत करना हानिकारक है।”


वहीं, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने वित्त वर्ष 2023-24 के बजट को ‘मित्रकाल बजट’ करार देते हुए बुधवार को कहा कि इससे साबित होता है कि सरकार के पास भारत के भविष्य के निर्माण की कोई रूपरेखा नहीं है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘मित्रकाल बजट में रोजगार सृजन को लेकर कोई दृष्टिकोण नहीं है, महंगाई से निपटने के लिए कोई योजना नहीं है और असमानता दूर करने का कोई इरादा नहीं है।’’

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राहुल गांधी ने दावा किया, ‘‘एक फीसदी सबसे अमीर लोगों के पास 40 प्रतिशत संपत्ति है, 50 प्रतिशत गरीब लोग 64 प्रतिशत GST देते हैं, 42 प्रतिशत युवा बेरोजगार हैं। इसके बाद भी प्रधानमंत्री को कोई परवाह नहीं है। बजट से साबित हुआ कि सरकार के पास भारत के भविष्य के निर्माण के लिए कोई रूपरेखा नहीं है।’’

बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को लोकसभा में केंद्रीय बजट 2023-24 पेश किया। अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को पेश नरेंद्र मोदी सरकार के अंतिम पूर्ण बजट में सभी तबकों को साधने का प्रयास किया।

उन्होंने जहां एक तरफ मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों को आयकर मोर्चे पर राहत देने की घोषणा की। वहीं लघु बचत योजनाओं के तहत निवेश सीमा बढ़ाकर बुजुर्गों और नई बचत योजना के जरिए महिलाओं को भी सौगात दी है। इसके साथ ही बुनियादी ढांचे पर खर्च में 33 प्रतिशत की बड़ी वृद्धि करने का भी प्रस्ताव किया है।

नई टैक्स व्यवस्था के तहत एक अप्रैल से व्यक्तिगत आयकर छूट सीमा को बढ़ाकर सात लाख रुपये कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अगर किसी व्यक्ति की आय सात लाख रुपये है, उसे कोई टैक्स नहीं देना होगा। अबतक यह सीमा पांच लाख रुपये है। साथ ही टैक्स स्लैब को सात से घटाकर पांच कर दिया गया है।

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