Budget 2023-2024: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में लद्दाख से हरियाणा तक भारत की पहली मेगा रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांसमिशन लाइन प्रोजेक्ट (Mega Renewable Energy Transmission Line Project) की घोषणा की। निर्मला सीतारमण ने कहा, “लद्दाख से 13 गीगावॉट रिन्यूएबल एनर्जी की निकासी और ग्रिड इंटीग्रेशन के लिए इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम का निर्माण 20,700 करोड़ रुपये के निवेश से किया जाएगा, जिसमें 8,300 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता शामिल है।”
16 जनवरी, 2023 को मनीकंट्रोल ने बताया था कि केंद्रीय बजट में लद्दाख से रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांसमिशन लाइन प्रोजेक्ट को शामिल करने की संभावना है। लद्दाख में पांग और हरियाणा में कैथल के बीच ग्रीन एनर्जी ट्रांसमिशन कॉरिडोर की योजना बनाई जा रही है।
इस प्रोजेक्ट के 900 किलोमीटर तक फैले होने की संभावना है। कॉरिडोर की योजना विशेष रूप से लेह में 10 गीगावॉट रिन्यूएबल एनर्जी पार्क से कम से कम 13 गीगावाट बिजली निकालने और केंद्र शासित प्रदेश में पवन ऊर्जा सिस्टम के माध्यम से अन्य 4 गीगावॉट निकालने की योजना बनाई जा रही है।
लद्दाख में रिन्यूएबल एनर्जी पार्क एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। इसकी घोषणा पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018-19 में की थी। प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि ट्रांसमिशन लाइन में 12 GWh बैटरी ऊर्जा भंडारण घटक भी होगा। यह ऐसे समय में आया है जब भारत ने 2030 तक 500 GW की स्थापित क्षमता का लक्ष्य रखा है।
50 लाख टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में 2030 तक 50 लाख टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के लक्ष्य की घोषणा की। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि बजट में ऊर्जा बदलाव और शुद्ध शून्य उत्सर्जन उद्देश्यों के लिए 35,000 करोड़ रुपये के प्राथमिकता वाले पूंजी निवेश का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार 4,000 मेगावॉट क्षमता की बैटरी ऊर्जा भंडारण की स्थापना का समर्थन करेगी।
सीतारमण ने कहा कि ‘ग्रीन क्रेडिट’ कार्यक्रम को भी ‘पर्यावरण संरक्षण अधिनियम’ के तहत अधिसूचित किया जाएगा। सरकार ने देश को एक ऊर्जा-स्वतंत्र राष्ट्र बनाने और महत्वपूर्ण क्षेत्रों से कार्बन उत्सर्जन कम करने की दृष्टिकोण से 4 जनवरी, 2023 को 19,744 करोड़ रुपये के शुरुआती आउटले के साथ मिशन हाइड्रोजन को भी स्वीकृति दी है।
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सरकार की योजना 2030 तक हरित हाइड्रोजन की मांग निर्माण, उत्पादन, उपयोग और निर्यात की सुविधा उपलब्ध कराना और 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश जुटाना है। वित्त मंत्री ने आगे कहा कि सरकार शहरी बुनियादी ढांचा विकास कोष पर हर साल 10,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। यह ग्रामीण अवसंरचना विकास कोष की तर्ज पर होगा और इसे एनएचबी (नेशनल हाउसिंग बैंक) प्रबंधित करेगा।
निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2023-24 का केंद्रीय बजट संसद में पेश किया। वित्तमंत्री ने बजट 2023-24 पेश करते हुए कई बड़े ऐलान किए। बजट में वित्त मंत्री ने महिलाओं, किसानों, गरीबों और सफाईकर्मियों के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं।