मनीष सिसोदिया 17 मार्च तक ED की रिमांड में रहेंगे, CBI मामले में 21 मार्च को होगी सुनवाई

दिल्ली की एक अदालत पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) की गिरफ्तारी के करीब दो हफ्ते बाद शुक्रवार को उनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई की। आबकारी नीति से जुड़े सीबीआई मामले में मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई दिल्ली की अदालत ने 21 मार्च तक स्थगित कर दी है

अपडेटेड Mar 10, 2023 पर 5:20 PM
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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सिसोदिया को शुक्रवार को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया और उनकी 10 दिन की हिरासत मांगी

दिल्ली की एक अदालत ने पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) की गिरफ्तारी के करीब दो हफ्ते बाद शुक्रवार को उनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई की। आबकारी नीति से जुड़े CBI मामले में मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई दिल्ली की अदालत ने 21 मार्च तक स्थगित कर दी है। कोर्ट के इस फैसले के बाद सिसोदिया अब 21 मार्च तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे। उन्हें शराब नीति को लागू करने में अनिमयितता के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई ने 26 फरवरी को दिल्ली की शराब नीति में कथित घोटाले के मामले में मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया था।

इस बीच, दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आबकारी नीति मामले में मनीष सिसोदिया को 17 मार्च तक के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिमांड में भेज दिया है। ED ने शुक्रवार को AAP नेता को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। एजेंसी ने सुनवाई के दौरान दावा किया कि आबकारी नीति तैयार करने के पीछे साजिश थी। शराब नीति में नियम बदलकर कुछ खास लोगों को 6 फीसदी की जगह 12 प्रतिशत लाभ पहुंचाया गया। सिसोदिया से पूछताछ के लिए रिमांड जरूरी है।

ईडी ने कोर्ट में कहा कि मनीष सिसोदिया और भारत राष्ट्र समिति (BRS) की नेता के कविता संपर्क में थे। सिसोदिया से तिहाड़ जेल में ED ने पूछताछ भी की थी। करीब 8 घंटे की पूछताछ के बाद ईडी ने गुरुवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया। ED की रिमांड पर कुछ देर में फैसला आ सकता है।


विशेष जज एम के नागपाल ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को आम आदमी पार्टी (AAP) नेता की अर्जी पर 10 मार्च तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। जज ने छह मार्च को उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। अपने आवेदन में, सिसोदिया ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने उन्हें जब भी बुलाया, वह जांच में शामिल हुए।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें हिरासत में रखकर कोई सार्थक उद्देश्य पूरा नहीं होगा तथा मामले में ‘बरामदगी’ पहले ही की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों को ज़मानत मिल चुकी है। CBI ने दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 को बनाने और लागू करने में कथित भ्रष्टाचार के मामले में 26 फरवरी को सिसोदिया को गिरफ्तार किया था। इस नीति को अब रद्द किया जा चुका है।

ED ने 10 दिन की मांगी कस्टडी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सिसोदिया को शुक्रवार को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया और उनकी 10 दिन की कस्टडी मांगी। ईडी ने दिल्ली की आबकारी नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में सिसोदिया को गिरफ्तार किया है। सिसोदिया की पेशी के मद्देनजर ‘राउज एवेन्यू’ अदालत परिसर के भीतर और बाहर सुरक्षा बल की भारी तैनाती की गई थी।

आम आदमी पार्टी के समर्थकों ने अदालत परिसर के बाहर धरना दिया और सिसोदिया के समर्थन में नारे लगाए। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थकों ने इस मामले को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे की मांग करते हुए विरोध-प्रदर्शन किया।

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मनीष सिसोदिया को CBI ने दिल्ली की आबकारी नीति (जिसे अब वापस ले लिया गया है) में कथित अनियमितताओं के मामले में 26 फरवरी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद ईडी ने इसी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में तिहाड़ जेल में सिसोदिया से पूछताछ की और गुरुवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

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