Delhi Liquor Policy Scam: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के अधिकारियों ने मंगलवार को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) के लॉकर की तलाशी ली। सीबीआई के ब्रांच पहुंचने पर बैंक के बाहर अफरा-तफरी मच गई।
अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय जांच ब्यूरो के करीब पांच अधिकारियों का एक दल राष्ट्रीय राजधानी के बाहरी इलाके गाजियाबाद के सेक्टर-4 वसुंधरा स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शाखा में लॉकर की तलाशी लेने पहुंचा। इस दौरान सिसोदिया भी अपनी पत्नी के साथ बैंक में मौजूद थे।
सिसोदिया ने कहा कि सीबीआई को उनके लॉकर की तलाशी के दौरान कुछ नहीं मिला। तलाशी खत्म होने के बाद सिसोदिया ने पत्रकारों से कहा कि सीबीआई दबाव में काम कर रही है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि मुझे खुशी है कि मुझे आज तलाशी में सीबीआई से ‘क्लीनचिट’ मिली। उन्हें मेरे लॉकर या आवास की तलाशी से कुछ भी ऐसा नहीं मिला जिससे कानून का उल्लंघन होता हो।
आप नेता ने कहा कि जैसे मेरे घर से कुछ नहीं मिला वैसे ही मेरे (बैंक) लॉकर से कुछ नहीं मिला। मुझे खुशी है कि प्रधानमंत्री ने मेरे घर पर छापा पड़वाया, मेरे लॉकर की जांच करवाई जिसमें से कुछ नहीं मिला। यह सबूत है कि PM की जांच में मेरा परिवार और मैं पाक साफ निकला।
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सिसोदिया उन 15 लोगों और संस्थाओं में शामिल हैं, जिन्हें दिल्ली आबकारी नीति के कार्यान्वयन में हुई कथित अनियमितताओं के सिलसिले में दर्ज सीबीआई की FIR में नामजद किया गया है। सीबीआई ने 19 अगस्त को इस मामले में सिसोदिया के आवास समेत 31 स्थानों पर छापे मारे थे।
सिसोदिया का कहना है कि उन्हें एक झूठे मामले में आरोपी बनाया गया है ताकि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का आगे बढ़ने से रोका जा सके, जो 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकल्प के तौर पर उभरे हैं।
19 अगस्त को छापेमारी के बाद सिसोदिया ने कहा था कि कई घंटों की तलाशी के बाद एजेंसी ने उनका कंप्यूटर और मोबाइल फोन जब्त कर लिया तथा उसने कुछ फाइल भी अपने कब्जे में ले लीं। जांच एजेंसी ने दावा किया है कि सिसोदिया के निकट सहयोगी की कंपनी को कथित रूप से एक करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार को दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र में कहा था कि राज्य की सरकारों को गिराने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) नीत केंद्र सरकार एक ‘‘सीरियल किलर’’ की तरह बर्ताव कर रही है।