Haryana Election: मां-बेटे की पार्टी बन कर रह गई JJP! दुष्यंत चौटाला के पास बचे सिर्फ 3 विधायक, ढहने लगी पार्टी
Haryana Assembly Election 2024: बीजेपी के साथ गठबंधन टूटने के बाद से ही JJP में गिरावट का सिलिसिला शुरू हुआ। साल 2018 में अपने चाचा अभय सिंह चौटाला से मतभेद के चलते पूर्व सांसद अजय सिंह चौटाला के बेटे दुष्यंत और दिग्विजय चौटाला ने जननायक जनता पार्टी बनाई
Haryana Election: मां-बेटे की पार्टी बन कर रह गई JJP! दुष्यंत चौटाला के पास बचे सिर्फ तीन विधायक
हरियाणा में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी ताश के पत्तों की तरह ठहना शुरू हो गई। चुनाव आयोग की तरफ से हरियाणा विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के कुछ ही घंटों के भीतर, उकलाना से JJP विधायक अनूप धानक का इस्तीफा आया। शनिवार की सुबह और भी JJP विधायकों के इस्तीफे आने शुरू हो गए। इन इस्तीफों के साथ, और रामनिवास सुरजाखेड़ा, जोगी राम सिहाग और राम कुमार गौतम जैसे नेताओं ने खुद को पार्टी से दूर कर लिया है। अब हालत ये है कि JJP के पास केवल तीन ही विधायक बचे हैं, जिसमें उचाना से पूर्व उप प्रमुख मंत्री दुष्यंत चौटाला, बाढड़ा से उनकी मां नैना चौटाला, और जुलाना से अमरजीत ढांडा।
JJP में दुष्यंत के सबसे भरोसेमंद नेताओं में से एक माने जाने वाले धनक ने नवंबर 2019 में बीजेपी-JJP सरकार में राज्य मंत्री (MoS) के रूप में शपथ ली थी। इस साल 12 मार्च को मनोहर लाल खट्टर के इस्तीफा देने और नायब सैनी के JJP के समर्थन के बिना नए सीएम बनने तक वह मंत्री बने रहे।
एक-एक कर विधायकों ने छोड़ी पार्टी
शनिवार को JJP को गुहला से विधायक ईश्वर सिंह, शाहबाद से राम करण काला और टोहाना से देवेंद्र बबली का त्याग पत्र मिला। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अचानक इतने विधायकों के इस्तीफे से JJP के भीतर उथल-पुथल मच गई है।
विधायक ईश्वर सिंह और रामकरण काला ने JJP प्रमुख अजय चौटाला को लिखे अपने पत्र में निजी कारणों का हवाला दिया है रामकरण काला बुधवार को कांग्रेस में शामिल हो गए।
शाहबाद विधानसभा क्षेत्र से विधायक काला अपने समर्थकों के साथ पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष उदय भान और रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हुए।
पार्टी में उनका स्वागत करते हुए भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि रामकरण काला ने सही समय पर सही फैसला लिया है, क्योंकि कांग्रेस हरियाणा में सत्ता में वापसी करने के लिए तैयार है।
2018 में बनी JJP
बीजेपी के साथ गठबंधन टूटने के बाद से ही JJP में गिरावट का सिलिसिला शुरू हुआ। साल 2018 में अपने चाचा अभय सिंह चौटाला से मतभेद के चलते पूर्व सांसद अजय सिंह चौटाला के बेटे दुष्यंत और दिग्विजय चौटाला ने जननायक जनता पार्टी बनाई।
उन्होंने JJP को ओम प्रकाश चौटाला की इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) की एक शाखा के रूप में लॉन्च किया था। ये सब तब हुआ, जब अजय चौटाला जेल में बंद थे।
JJP अपना पहला चुनाव, जींद विधानसभा के लिए उपचुनाव हार गई और 2019 के लोकसभा चुनाव में खाता भी नहीं खोल सकी।
2019 चुनाव में JJP के आच्छे दिन
हालांकि, 2019 के विधानसभा चुनाव में JJP ने 10 सीटें जीतीं। 90 सदस्यीय विधानसभा में 40 सीटें जीतने के बाद बहुमत से पीछे रह गई, BJP ने जेजेपी के साथ गठबंधन में सरकार बनाई।
उस दौरान मनोहर लाल मुख्यमंत्री बने थे और दुष्यंत चौटाला उपमुख्यमंत्री बने थे। दिसंबर 2021 में कैबिनेट विस्तार के दौरान JJP कोटे से अनूप धानक को श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री बनाया गया और देवेंद्र बबली को पंचायती राज मंत्री बनाया गया।
BJP से गठबंधन टूटते ही ढहने लगी पार्टी
जब लोकसभा चुनाव से पहले BJP और JJP का गठबंधन टूटा, तभी से पलायन शुरू हुआ, जिसकी शुरुआत पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष निशान सिंह के इस्तीफे से हुई, जो बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए।
सिंह के इस्तीफे के साथ, बड़े पैमाने पर पार्टी कार्यकर्ता छोड़ कर जाने लगे और JJP को अपनी सभी संगठनात्मक इकाइयों को खत्म करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
लोकसभा चुनाव के दौरान JJP ने दुष्यंत चौटाला की मां नैना सिंह चौटाला को हिसार से मैदान में उतारा था, लेकिन पार्टी के 10 में से सात विधायकों ने पार्टी के लिए प्रचार तक नहीं किया।