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JPC ने वक्फ विधेयक में नए बदलावों को दी मंजूरी, विपक्ष ने बताया 'असंवैधानिक'

विधेयक को 11 के मुकाबले 15 मतों से मंजूरी दे दी गई। पाल ने दावा किया कि समिति की ओर से अप्रूव किए गए कई संशोधनों ने विपक्षी सदस्यों की कई चिंताओं को भी संबोधित किया है और विधेयक के कानून के शक्ल में लागू होने के बाद वक्फ बोर्ड को अपने कर्तव्यों को पारदर्शी और ज्यादा प्रभावी ढंग से निर्वहन करने में मदद मिलेगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 29, 2025 पर 5:55 PM
JPC ने वक्फ विधेयक में नए बदलावों को दी मंजूरी, विपक्ष ने बताया 'असंवैधानिक'
JPC ने वक्फ विधेयक में नए बदलावों को दी मंजूरी, विपक्ष ने बताया 'असंवैधानिक'

वक्फ (संशोधन) विधेयक पर विचार कर रही संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के चेयरमैन जगदंबिका पाल ने बुधवार को कहा कि समिति ने रिपोर्ट और प्रस्तावित कानून के संशोधित संस्करण (Revised Edition) को बहुमत से स्वीकार कर लिया। विपक्षी सदस्यों ने स्वीकार किए गए विधेयक की कड़ी आलोचना की और कहा कि यह ‘असंवैधानिक’ है और मुसलमानों के धार्मिक मामलों में सरकार के हस्तक्षेप का रास्ता खोलेगा जिस कारण वक्फ बोर्ड खत्म हो जाएंगे। विधेयक को 11 के मुकाबले 15 मतों से मंजूरी दे दी गई।

पाल ने दावा किया कि समिति की ओर से अप्रूव किए गए कई संशोधनों ने विपक्षी सदस्यों की कई चिंताओं को भी संबोधित किया है और विधेयक के कानून के शक्ल में लागू होने के बाद वक्फ बोर्ड को अपने कर्तव्यों को पारदर्शी और ज्यादा प्रभावी ढंग से निर्वहन करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि पहली बार ‘‘पसमांदा’’ (पिछड़े) मुसलमानों, गरीबों, महिलाओं और यतीमों को वक्फ के लाभार्थियों में शामिल किया गया है। वरिष्ठ BJP नेता ने कहा कि रिपोर्ट बृहस्पतिवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंपी जाएगी।

जब उनसे पूछा गया कि क्या विधेयक 31 जनवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र में पारित किया जाएगा, तो उन्होंने मीडिया से कहा कि अब बिरला और संसद को आगे के कदम का फैसला करना है।

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