महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के एक दिन बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता अजीत पवार के आवास पर इस समय एक अहम बैठक चल रही है। इस बैठक में शामिल होने के लिए अजित पवार (Ajit Pawar) के आवास पर पहुंचने वालों में छग्गन भुजबल, अनिल पाटिल, दिलीप वालसे पाटिल, सुनील तटकरे, अनिल पाटिल और संजय बनसोडे शामिल हैं। बता दें कि अजित पवार के साथ छगन भुजबल, दिलीप वलसे पाटिल, हसन मुश्रीफ, धनंजय मुंडे, आत्रम धरमरावबाबा भगवंतराव, अदिति तटकरे, संजय बाबूराव बनसोडे और अनिल भाईदास पाटिल सहित 9 प्रमुख NCP नेताओं ने पाला बदल लिया है। इन सभी ने रविवार को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली।
NCP एमएलसी अमोल मिटकरी ने दावा किया कि अजित पवार के साथ और भी नेता जुड़ेंगे। उन्होंने कहा, "मैं कल से यहां हूं, कई विधायक हमसे मिलने आ रहे हैं। जिन 35 विधायकों ने कल अजित पवार का समर्थन किया था, वे आज भी अजित दादा के साथ हैं। और भी नेता हैं जो हमारे साथ जुड़ रहे हैं। मैं NCP के साथ था और हमेशा रहूंगा।" उन्होंने आगे कहा कि यह सही नहीं है कि पार्टी में बंटवारा हो गया है। मैं चाहता हूं कि संजय राउत ने जो कहा है कि अजित पवार सीएम बनेंगे, वह सच हो जाए।
महाराष्ट्र में बड़ा नाटकीय घटनाक्रम
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़े नाटकीय घटनाक्रम के तहत रविवार को NCP नेता अजित पवार पार्टी में दरार पैदा करते हुए राज्य सरकार में उपमुख्यमंत्री बन गए। इस कदम ने उनके चाचा शरद पवार को चौंका दिया है जिन्होंने 24 साल पहले पार्टी की स्थापना की थी। दक्षिण मुंबई के राजभवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के आठ नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली। सूत्रों ने दावा किया कि NCP के 53 विधायकों में से 36 नए उपमुख्यमंत्री का पूरी मजबूती से समर्थन कर रहे हैं।
सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि पटना में हाल में हुई विपक्ष की बैठक में NCP अध्यक्ष शरद पवार और पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले की मौजूदगी से अजित पवार और उनके समर्थक खफा थे। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के कुछ घंटे बाद अजित पवार ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी ने देश के विकास के लिए एकनाथ शिंदे सरकार का हिस्सा बनने का फैसला किया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भी सराहना की। अजित पवार ने NCP में किसी भी तरह के विभाजन से इनकार करते हुए कहा कि वे भविष्य के सभी चुनाव एनसीपी के चुनाव चिह्न पर लड़ेंगे। अजित ने दावा किया, "(पार्टी के) सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों ने सरकार में शामिल होने के फैसले का समर्थन किया है।"
दूसरी तरफ NCP प्रमुख शरद पवार ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP)-शिवसेना के साथ जाने का फैसला पार्टी का नहीं था। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व राज्य मंत्रिमंडल में शामिल होने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उन्हें इस बात की चिंता नहीं है कि लोग चले गए हैं, बल्कि उन्हें उनके भविष्य की चिंता है।