NCP पर कब्जे की कानूनी जंग शुरू, अजित पवार और 8 विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिका दायर

Maharashtra Political Crisis: शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले को NCP का कार्यकारी अध्यक्ष बने अभी एक महीना भी नहीं हुआ था कि पार्टी को सबसे बड़ी बगावत देखनी पड़ी। अब लड़ाई पार्टी के सिंबल और नाम को लेकर शुरू हो गई है। दोनों पक्ष का दावा है कि पार्टी पर उनका अधिकार है। NCP नेता अजित पवार पिछले चार साल में तीसरी बार राज्य के उपमुख्यमंत्री पद पर काबिज हुए हैं

अपडेटेड Jul 03, 2023 पर 10:30 AM
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NCP की तरफ से अयोग्यता याचिका विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को भेज दी गई है

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़े नाटकीय घटनाक्रम के तहत रविवार 2 जून को NCP नेता अजित पवार (Ajit Pawar) पार्टी में विभाजन की स्थिति पैदा करते हुए एकनाथ शिंदे सरकार में उपमुख्यमंत्री बन गए। इस कदम ने उनके चाचा शरद पवार को चौंका दिया है, जिन्होंने 24 साल पहले पार्टी की स्थापना की थी। दक्षिण मुंबई के राजभवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के आठ अन्य नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इसके बाद अब NCP पर कब्जे की कानूनी जंग शुरू हो गई है। NCP की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष जयंत पाटिल ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली राज्य सरकार में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले अजित पवार और मंत्री पद की शपथ लेने वाले आठ अन्य विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिका दायर की है।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पाटिल ने कहा कि अयोग्यता याचिका विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग को भी एक ई-मेल भेजा गया है, जिसमें बताया गया है कि NCP के नेता और कार्यकर्ता पार्टी प्रमुख शरद पवार के साथ हैं। बता दें कि शरद पवार द्वारा 1999 में स्थापित पार्टी को रविवार दोपहर उस समय विभाजन का सामना करना पड़ा, जब उनके भतीजे अजित पवार उपमुख्यमंत्री के रूप में शिवसेना-BJP सरकार में शामिल हो गए।

40 से अधिक विधायक कर रहे अजित पवार का समर्थन


महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले अजित पवार का उनकी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के 40 से अधिक विधायक और करीब 6 विधान पार्षद (MLC) समर्थन कर रहे हैं। सूत्रों ने राजभवन में दिए गए पत्र के हवाले से यह जानकारी दी। NCP के महाराष्ट्र विधानमंडल में 53 विधायक और विधान पार्षद हैं। एक सूत्र ने नयूज एजेंसी पीटीआई को बताया, "अजित पवार का 40 से अधिक विधायकों और छह से अधिक विधान पार्षदों ने समर्थन किया है। राज्य विधायिका के इन सदस्यों के समर्थन का पत्र राजभवन को भेज दिया गया है।"

अजित पवार ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राकांपा में विभाजन नहीं हुआ है। उन्होंने दावा किया कि सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों (पार्टी के) ने सरकार में शामिल होने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में वह NCP के नाम और चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ेंगे।

शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले को NCP का कार्यकारी अध्यक्ष बने अभी एक महीना भी नहीं हुआ था कि पार्टी को सबसे बड़ी बगावत देखनी पड़ी। अब लड़ाई पार्टी के सिंबल और नाम को लेकर शुरू हो गई है। दोनों पक्ष का दावा है कि पार्टी पर उनका अधिकार है।

चौथी बार बने डिप्टी सीएम

NCP नेता अजित पवार पिछले चार साल में तीसरी बार राज्य के उपमुख्यमंत्री पद पर काबिज हुए हैं। अजित साल 2019 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार में कुछ घंटों के लिए उपमुख्यमंत्री रहे थे। उन्होंने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली राज्य की पिछली महा विकास आघाडी (MVA) सरकार में भी उपमुख्यमंत्री पद संभाला था। महाराष्ट्र में MVA सरकार नवंबर 2019 से जून 2022 तक सत्ता में थी।

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63 वर्षीय अजित की छवि एक जमीनी स्तर के नेता और सक्षम प्रशासक की रही है। वह राजनीतिक रूप से महत्वाकांक्षी और अपने मन की बात सामने रखने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने 2019 के बाद से तीसरी बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जिससे उनके अगले राजनीतिक कदम के बारे में महीनों से लगाई जा रही अटकलों पर विराम लग गया। अजित NCP प्रमुख शरद पवार के बड़े भाई दिवंगत अनंत पवार के बेटे हैं।

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