महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़े नाटकीय घटनाक्रम के तहत रविवार 2 जून को NCP नेता अजित पवार (Ajit Pawar) पार्टी में विभाजन की स्थिति पैदा करते हुए एकनाथ शिंदे सरकार में उपमुख्यमंत्री बन गए। इस कदम ने उनके चाचा शरद पवार को चौंका दिया है, जिन्होंने 24 साल पहले पार्टी की स्थापना की थी। दक्षिण मुंबई के राजभवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के आठ अन्य नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इसके बाद अब NCP पर कब्जे की कानूनी जंग शुरू हो गई है। NCP की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष जयंत पाटिल ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली राज्य सरकार में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले अजित पवार और मंत्री पद की शपथ लेने वाले आठ अन्य विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिका दायर की है।
