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पीएम मोदी ने जर्मनी के चांसलर को तोहफे में दिया मेघालया स्टोल और नागा शॉल, जानें क्या हैं इनकी खासियत और बुनाई का तरीका

पीएम मोदी ने जर्मन चांसलर को मेघालय स्टोल और नागालैंड शॉल उपहार में दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने शनिवार को जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज से मुलाकात की। पीएम मोदी ने कहा कि सुरक्षा और रक्षा सहयोग भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी का अहम स्तंभ बन सकता है। भारत यात्रा पर आए जर्मनी के चांसलर ओलाफ शॉल्ज के साथ बातचीत के बाद पीएम ने कहा कि भारत बातचीत और कूटनीति के माध्यम से यूक्रेन के विवाद को हल करने के लिए कोशिश कर रहा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 25, 2023 पर 7:30 PM
पीएम मोदी ने जर्मनी के चांसलर को तोहफे में दिया मेघालया स्टोल और नागा शॉल, जानें क्या हैं इनकी खासियत और बुनाई का तरीका
पीएम मोदी ने जर्मनी के चांसलर को तोहफे में दिया मेघालया स्टोल और नागा शॉल, जानें क्या हैं इनकी खासियत और बुनाई का तरीका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने शनिवार को जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज से मुलाकात की। पीएम मोदी ने कहा कि सुरक्षा और रक्षा सहयोग भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी का अहम स्तंभ बन सकता है। भारत यात्रा पर आए जर्मनी के चांसलर ओलाफ शॉल्ज के साथ बातचीत के बाद पीएम ने कहा कि भारत बातचीत और कूटनीति के माध्यम से यूक्रेन के विवाद को हल करने के लिए कोशिश कर रहा है और किसी भी शांति प्रक्रिया में योगदान देने के लिए तैयार है। इस मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने जर्मन चांसलर को मेघालय स्टोल और नागालैंड शॉल उपहार में दिया। आइये जानते हैं मेघालय स्टोल और नागालैंड शॉल के बारे में।

मेघालय स्टोल

मेघालय स्टोल मूल रूप से खासी और जयंतिया रॉयल्टी के लिए बुने गए थे, जो उन्हें अपनी शक्ति और स्थिति का प्रतीक मानते थे। तब से मेघालय के स्टोल की बुनाई पीढ़ियों से चली आ रही है। मेघालय स्टॉल में प्रीकात्मक डीजाइन बनाई गई है जो कि खासी और जयंतिया जनजाति की संस्कृति और परंपरा को दर्शाती है। इस स्टॉल में बाघ, हाथी और फूलों की आकृतियां बनी होती हैं। ये स्टोल स्टोल स्थानीय रूप से प्राप्त ऊन और प्राकृतिक रंगों का उपयोग करके बनाए जाते हैं।

मेघालय स्टोल का महत्व

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