पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित (Banwarilal Purohit) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए पद छोड़ा है। इस्तीफे को लेकर उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक लेटर लिखा है। बनवारी लाल पुरोहित तीन बार लोकसभा सांसद रहे हैं। उन्होंने अगस्त 2021 में पंजाब के राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी। पुरोहित ‘द हितवाद’ के प्रबंध संपादक भी रहे हैं।
उन्होंने चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेटर का पद भी छोड़ दिया है। लेटर में पुरोहित ने लिखा, 'अपने व्यक्तिगत कारणों और कुछ अन्य प्रतिबद्धताओं के कारण, मैं पंजाब के राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के एडमिनिस्ट्रेटर के पद से इस्तीफा देता हूं।'
एक दिन पहले अमित शाह से से मिले थे बनवारी लाल पुरोहित
पुरोहित ने 2 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। हाल ही में चंडीगढ़ महापौर चुनाव में भाजपा की जीत हुई है। तीनों पदों पर भाजपा को जीत मिली है। इन चुनावों में कांग्रेस-आम आदमी पार्टी गठबंधन को झटका लगा और उसने पीठासीन अधिकारी पर मतपत्रों के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया है।
पुरोहित कांग्रेस और भाजपा दोनों के नेता रह चुके हैं। वह असम, मेघालय (अतिरिक्त प्रभार) और तमिलनाडु में भी गवर्नर पद संभाल चुके हैं। वह नागपुर से 3 बार सांसद रहे, दो बार कांग्रेस की ओर से और एक बार बीजेपी से। पुरोहित ने 1978 में नागपुर पूर्व क्षेत्र से और 1980 में नागपुर दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा चुनाव जीता। 1982 में वह महाराष्ट्र सरकार में शहरी विकास, स्लम सुधार और आवास राज्य मंत्री बने।