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Ayodhya Ram Mandir: नई ग्लोबल इनवेस्टमेंट डेस्टिनेशन बन रही राम की अयोध्या, ब्रिटिश समूह ने किया ₹75000 करोड़ का बड़ा निवेश

Ayodhya Ram Mandir: ट्राफलगर स्क्वायर कैपिटल और स्थानीय अधिकारियों के बीच 5 समझौतों पर साइन किए गए हैं। यह विशाल निवेश अयोध्या में अत्याधुनिक डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स लगाने के लिए किया गया है। अयोध्या में 30 बड़े होटलों को भी मंजूरी मिल चुकी है। इनमें से 3 ने पहले से ही परिचालन शुरू कर दिया है। 2020 में हुए राम मंदिर के भूमिपूजन के बाद अयोध्या में जमीन की कीमतें आसमान छू रही हैं

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Jan 15, 2024 पर 1:58 PM
Ayodhya Ram Mandir: नई ग्लोबल इनवेस्टमेंट डेस्टिनेशन बन रही राम की अयोध्या, ब्रिटिश समूह ने किया ₹75000 करोड़ का बड़ा निवेश
Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में हो रहे इस विकास का प्रभाव रियल एस्टेट बाजार में स्पष्ट है।

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में 'रामलला' वापस लौट रहे हैं। 22 जनवरी को श्रीराम जन्मभूमि पर निर्माणाधीन राम मंदिर (Ram Temple) में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है। इसके चलते देश में आस्था और अध्यात्म की नगरी कहा जाने वाला उत्तर प्रदेश का अयोध्या, तेजी से ग्लोबल इनवेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनता जा रहा है। यह शहर सिर्फ ऐतिहासिक राम मंदिर के निर्माण का गवाह नहीं बन रहा है, बल्कि इसके ​निवासी बड़े बदलाव देखने वाले हैं। अयोध्या में भविष्य की संभावनाएं भांपते हुए ब्रिटिश समूह ट्राफलगर स्क्वायर कैपिटल (Trafalgar Square Capital) ने अयोध्या में 75,000 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश किया है।

यह विशाल निवेश अयोध्या में अत्याधुनिक डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स लगाने के लिए किया गया है। यह भारत में किसी एक जिले में अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। ट्राफलगर स्क्वायर कैपिटल और स्थानीय अधिकारियों के बीच 5 समझौतों (एमओयू) पर साइन किए गए हैं। इन समझौतों से औद्योगिक विकास के लिए वैश्विक गंतव्य के रूप में अयोध्या की स्थिति मजबूत हो गई।

ट्राफलगर स्क्वायर कैपिटल, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) पॉलिसी के तहत उत्तर प्रदेश में अच्छी दिलचस्पी दिखाने वाली प्रमुख मल्टीनेशनल कंपनियों में से एक है। इस लिस्ट में हांगकांग स्थित Taushan International Group, आरजी ग्रुप, ऑस्टिन कंसल्टिंग ग्रुप, कॉसिस ग्रुप, इंडो यूरोपियन चैंबर ऑफ स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेस, एबीसी क्लीनटेक और जर्मनी की यूनिकॉर्न एनर्जी भी शामिल हैं।

आर्थिक रूप से होगा बड़ा असर

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