Red Light On, Gaadi Off: दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय (Gopal Rai) ने ‘रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान (Red Light On Gaadi Off Campaign) शुरू करने की तारीख को लेकर सच नहीं बोला। यह दावा दिल्ली के उप राज्यपाल (LG) कार्यालय के सूत्रों ने किया है। सूत्रों ने कहा कि यह इसलिए किया गया, ताकि राज्यपाल पर फैसला लेने के लिए दबाव बनाया जा सके।
आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने गुरुवार को कहा कि वह इस अभियान को शुरू करने के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम को स्थगित कर रही है। आप ने दावा किया कि उप राज्यपाल कार्यालय से अब तक इस संबंध में मंजूरी नहीं मिली है।
दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोपाल राय ने दावा किया था कि अभियान से जुड़ी फाइल उप राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को 21 अक्टूबर को भेजी गई थी। उन्होंने कहा कि एलजी को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को हर दिन पत्र लिखने के लिए समय है, लेकिन ऐसी अहम फाइलों पर हस्ताक्षर करने का समय नहीं है।
उप राज्यपाल कार्यालय के सूत्रों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सक्सेना गुरुवार को कार्यालय से बाहर थे। सूत्रों ने कहा कि मंत्री गोपाल राय ने दिल्ली की जनता से झूठ बोला कि ‘रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान की शुरुआत 28 अक्टूबर से होगी।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा उप राज्यपाल को भेजी गई फाइल में स्पष्ट रूप से लिखा था कि अभियान 31 अक्टूबर से शुरू होगा। सूत्रों ने आगे दावा किया कि उप राज्यपाल सचिवालय को 21 अक्टूबर (शुक्रवार) को फाइल भेजी गई थी। वीकेंड, गजेटेड अवकाश और प्रतिबंधित अवकाश के बाद 27 अक्टूबर (गुरुवार) को ही पूर्ण रूप से कार्यालय खुला। उन्होंने कहा कि उप राज्यपाल को भेजी जाने वाली फाइलें साधारण प्रकृति की नहीं होती हैं। उन पर विचार-विमर्श करने की जरूरत होती है।
सूत्रों के मुताबिक, गोपाल राय ने गुरुवार को तब प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी जब उप राज्यपाल असोला-भाटी में दिल्ली के लोगों को वाटरफॉल समर्पित करने, राष्ट्रपति भवन जाने जैसे पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों की वजह से कार्यालय में नहीं थे। सूत्रों ने कहा कि AAP ने ऐसा निश्चित तौर पर उप राज्यपाल पर निर्णय लेना का दबाव बनाने के लिए किया।
क्या है 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान?
‘रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान के तहत रेड लाइट पर वाहन चालकों को अपनी गाड़ी बंद करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, ताकि प्रदूषण के स्तर में कमी लाई जा सके। गोपाल राय ने दावा किया था कि प्रदूषण नियंत्रित करने पर केंद्रित यह अभियान अक्टूबर 2020 और 2021 में सफलतापूर्वक चलाया गया था।
उन्होंने कहा था कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उपराज्यपाल के पास 21 अक्टूबर को ही फाइल भेजी गई थी, लेकिन उन्होंने अब तक उसे मंजूरी नहीं दी है। दिल्ली सरकार ने सबसे पहले 16 अक्टूबर 2020 को ‘रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान शुरू किया था।