Get App

किराया 18,000 रुपये बढ़ जाने पर घर छोड़ने को मजबूर हुआ बेंगलुरु में एक परिवार

कोरोना की महामारी कमजोर पड़ने के बाद कंपनियां वर्क फ्रॉम की जगह ऑफिस से काम करने को तरजीह दे रही है। इससे जो एंप्लॉयीज अपने घर लौट गए थे, वे वापस बेंगलुरु आ रहे हैं। इससे घरों की मांग बढ़ गई है। मौके का फायदा उठाने के लिए मकानमालिकों ने किराया काफी बढ़ा दिया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 22, 2023 पर 5:09 PM
किराया 18,000 रुपये बढ़ जाने पर घर छोड़ने को मजबूर हुआ बेंगलुरु में एक परिवार
चक्रवर्ती का परिवार ऐसे सैकड़ों परिवार में से एक है, जिन्हें पिछले एक साल में फ्लैट के किराए दोगुना हो जाने की वजह से दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

मकान मालिक के किराया बढ़ा देने की वजह से बेंगलुरु के एक परिवार को घर खाली करने को मजबूर होना पड़ा है। मकान मालिक ने किराया 18,000 रुपये बढ़ा दिया। उसके बाद उसने परिवार को ऑप्शंस दिए- बढ़ा हुआ किराया चुकाओ या घर खाली कर दो। परिवार ने घर छोड़ने का फैसला किया। यह परिवार 3 किलोमीटर दूर शिफ्ट हो गया है। 36 साल के अनवेषा चक्रवर्ती ने लॉकडाउन के दौरान अगस्त 2020 में बेलंदूर में 3 कमरे का घर लिया था। तब उनकी पत्नी गर्भवती थीं। इस घर का किराया 25,000 रुपये प्रति माह था। मकान मालिक और किराएदार के बीच हर साल किराया 1,000 रुपये बढ़ाने पर सहमति बनी थी।

वर्क फ्रॉम होम खत्म होने का असर

2022 की शुरुआत में कोरोना की महामारी कमजोर पड़ने के बाद कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को ऑफिस आकर काम करने के निर्देश देने शुरू कर दिए। इससे बेंगलुरु में किराए बहुत बढ़ने शुरू हो गए। चक्रवर्ती ने किराया बढ़ाकर 35,000 रुपये कर दिया। एक ओटीटी ऑडियो प्लेटफॉर्म में करने वाले चक्रवर्ती ने बताया, "इससे पहले हमने एग्रीमेंट रिन्यू किया था। हमने 5 फीसदी ज्यादा किराया के हिसाब से 27,000 रुपये प्रति माह देना शुरू किया था।" उन्होंने कहा कि बाद में किराए बढ़ने पर ऐसे घर का किराया 45,000 रुपये पहुंच गया।

ज्यादा किराया डिमांड कर रहे मकान मालिक

सब समाचार

+ और भी पढ़ें