आज पितृ पक्ष का सातवां दिन है। यह पूरी तरह से पितरों को समर्पित है। ऐसा कहा जाता कि जो लोग इस दिन भाव के साथ तर्पण, पिंडदान और दान-पुण्य करते हैं। उन्हें धन, सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में खुशहाली आती है। 24 सितंबर 2024 को आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है। इस तिथि पर म्रृगशीर्षा नक्षत्र और व्यतिपाता योग का संयोग है। दिन के शुभ मुहूर्त की बात करें तो मंगलवार को अभिजीत मुहूर्त 11:48 से12:36 मिनट रहेगा। राहुकाल दोपहर 3:11 बजे से शाम 16:41 बजे तक रहेगा। चंद्रमा वृष राशि में मौजूद रहेंगे।
हिंदू पंचांग को वैदिक पंचांग के नाम से जाना जाता है। पंचांग के जरिए समय और काल की सटीक गणना की जाती है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों से मिलकर बना होता है। ये पांच अंग तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण है। इसमें शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदूमास और पक्ष आदि की जानकारी मिलती है।
सप्तमी वालों का श्राद्ध किया जाएगा
आज यानी मंगलवार को सप्तमी तिथि वालों का श्राद्ध किया जाएगा। इतना ही नहीं आज ही के दिन (मंगलवार) कालाष्टमी व्रत भी किया जाएगा। यह कृष्ण पक्ष चल रहा है। सूर्योदय सुबह 6.11 बजे होगा। वहीं सूर्यास्त शाम 6.11 बजे होगा। विक्रम संवत 2081 है। शक संवत 1946 है। चंद्रमा वृषभ राशि पर है। राहु काल दोपहर 2.14 बजे से शाम 4.21 बजे तक है। नक्षत्र मृगशिरा है। योग व्यतिपात है। यमघण्ट सुबह 9:47 बजे से सुबह 10:37 बजे तक रहेगा। यमगंड सुबह 8:48 बजे से सुबह 10:19 बजे तक रहेगा। गुलिक काल सुबह 11:48 बजे से दोपहर 1:51 बजे तक रहेगा।
चन्द्रमा 24 सितम्बर को सुबह 09:55 बजे तक वृषभ राशि पर रहेंगे। इसके बाद मिथुन राशि पर चले जाएंगे।