उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को ऐलान किया कि यूपी सरकार पुलिस और संबंधित सेवाओं में भर्ती के लिए 'अग्निवीरों' को प्राथमिकता देगी। सीएम योगी ने ट्वीट किया,'' मां भारती की सेवा के उपरांत अग्निवीरों को उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश पुलिस एवं संबंधित अन्य सेवाओं में प्राथमिकता प्रदान करेगी। युवाओं के उन्नयन एवं उनके सुरक्षित भविष्य के लिए भाजपा की डबल इंजन की सरकार सतत समर्पित एवं पूर्णतः प्रतिबद्ध है। जय हिंद!''
इससे पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री ने कहा था कि देश की युवा शक्ति को 'अग्निवीर' के रूप में मां भारती की सेवा का अवसर प्रदान करने जा रही 'अग्निपथ योजना' भारतीय सैन्य इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय का सृजन करेगी। सशस्त्र बलों के सामर्थ्य में अभिवर्धन हेतु लिया गया यह निर्णय अभिनंदनीय है।
आपको बता दें कि राष्ट्र के समक्ष पेश आने वाली भावी सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार ने दशकों पुरानी रक्षा भर्ती प्रक्रिया में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए, थलसेना, नौसेना और वायुसेना में सैनिकों की भर्ती संबंधी ‘अग्निपथ’ योजना की घोषणा की है।
केंद्र ने मंगलवार को 17.5 साल से 21 साल तक के युवाओं को चार साल का सैन्य ट्रेनिंग देने वाली ‘अग्निपथ’ योजना शुरुआत की। ट्रेनिंग पूरा करने के बाद, कैडेट सेवा छोड़ सकते हैं या यदि वे चाहें तो सैन्य सेवाओं में नियमित भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं।
एअर मार्शल मानवेंद्र सिंह ने बुधवार को कहा कि भारतीय सशस्त्र बल नई शुरू की गई अग्निपथ योजना के तहत चार साल के लिए ‘युवा अग्निवीरों’ की भर्ती करते समय कैडेट की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करेंगे।
'अग्निवीरों' के सेवा से बाहर होने के बाद सरकारी नौकरियों में आरक्षण या वरीयता के सवाल पर एअर मार्शल सिंह ने कहा कि उनका कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और असम राइफल्स जैसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में वरीयता दी जाएगी।
‘अग्निपथ’ योजना के तहत तीनों सेनाओं में इस साल करीब 46,000 सैनिक भर्ती किए जाएंगे। चयन के लिए पात्रता आयु साढ़े 17 वर्ष से 21 वर्ष के बीच होगी और इन्हें ‘अग्निवीर’ नाम दिया जाएगा। सैनिकों की भर्ती चार साल की अवधि के लिए संविदा आधार पर की जाएगी।