मां की लाश को तीन महीने तक घर में ही रखा, नहीं किया अंतिम संस्कार! बेटे को विश्वास था मुर्दे में आ जाएगी जान

पड़ोसियों को इस बात से भी शक हुआ कि पूर्णिमा को लंबे समय से बाहर भी नहीं देखा गया था। उनके घर के बाहर कूड़े का बड़ा ढेर भी लगा हुआ था। इस सब से चिंतित होते हुए उन्होंने जयदीप से उसकी मां के बारे में पूछताछ की ।इस पर जयदीप का जवाब सुनकर सभी के हाथ पांव फूल गए। उसने लोगों को बताया कि उसकी मां मर चुकी है और वह घर की सफाई तब तक नहीं करेगा

अपडेटेड Oct 24, 2024 पर 2:22 PM
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मां की लाश को तीन महीने तक घर में ही रखा, नहीं किया अंतिम संस्कार!

असम के गुवाहाटी से एक परेशान करने वाली घटना सामने आई है, जहां एक शख्स ने अपनी मृत मां के शव को उसका अंतिम संस्कार किए बिना तीन महीने तक अपने घर में रखा हुआ था, जिसके बाद वो जांच के घेरे में आ गया। इस मामले के सामने आने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 40 साल के जयदीप देव ने अपने पड़ोसियों को ये नहीं बताया कि उसकी मां पूर्णिमा देव का तीन महीने पहले ही निधन हो गया था। इसके बजाय, वह अपनी मां के लिए खाना ले जाता रहा और सबको ऐसे दिखाता रहा, जैसी उसकी मां अब भी जिंदा है। हालांकि, उसके हावभाव से पड़ोसियों को कुछ शक हुआ। वो लगातार बैंक से पैसे भी निकाल कर लाता था।

पड़ोसियों को इस बात से भी शक हुआ कि पूर्णिमा को लंबे समय से बाहर भी नहीं देखा गया था। उनके घर के बाहर कूड़े का बड़ा ढेर भी लगा हुआ था। इस सब से चिंतित होते हुए उन्होंने जयदीप से उसकी मां के बारे में पूछताछ की।

पड़ोसियों के फूल गए हाथ-पांव


इस पर जयदीप का जवाब सुनकर सभी के हाथ पांव फूल गए। उसने लोगों को बताया कि उसकी मां मर चुकी है और वह घर की सफाई तब तक नहीं करेगा, जब तक इसमें कोई उसकी मदद नहीं करता है।

ये सब सुन कर पड़ोसी घबरा गए और उन्होंने पुलिस को इसकी जानकारी दी। जब पुलिस ज्योतिकुची स्थित उसके घर पर पहुंची, तो उन्हें बिस्तर पर एक महिला का कंकाल पड़ा हुआ मिला। मृतक की पहचान 40 साल के जयदीप की मां पूर्णिमा देव के रूप में हुई। जांच से पता चला कि पूर्णिमा अपने पति, जो एक सेवानिवृत्त रेलवे अधिकारी थे, की मौत के बाद जयदीप के साथ रह रही थी।

जयदीप की मानसिक हालत ठीक नहीं

पूर्णिमा के अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध थे, लेकिन जब वह कई दिनों तक नहीं दिखी तो पड़ोसियों को चिंता हुई।

छानबीन करने पर घर के अंदर जो मिला, पुलिस भी उसे देख कर हैरान रह गई। चल रही जांच से पता चला है कि शायद जयदीप की मानसिक हालत ठीक न हो।

कथित तौर पर ये भी सामने आया है कि जयदीप ने सालों तक मां पूर्णिमा देव को घर तक ही सीमित रखा और उन्हें बाहर भी नहीं जाने देता था। उनकी मृत्यु के बाद, जयदीप ने उनका अंतिम संस्कार नहीं किया और उनके मृत शरीर के साथ ही रहता रहा। उसे ये उम्मीद थी कि शायद एक दिन उसकी मां जिंदा हो जाएगी।

मृत्युंजय मंत्र के जाप से फिर जिंदा हो जाएगी मां!

जयदीप के पास कोई नौकरी नहीं थी। वह केवल अपनी मां की पेंशन पर निर्भर था। पड़ोसियों ने शुरू में मान लिया कि वह अपने और अपनी मां दोनों के लिए खाना ले जाता रहा, लेकिन असलीयत से अनजान थे।

जयदीप ने अपनी मां की मौत के बारे में तीन महीने तक सच्चाई छिपाई, यह जानकर अब सब लोग हैरान हैं। पुलिस को घर की तलाशी के दौरान कंकाल के पास कुछ धार्मिक वस्तुएं मिलीं, जिनमें भगवान शिव की तस्वीर, दूब घास, एक दीपक और भोजन प्रसाद शामिल था। जयदीप ने यह भी खुलासा किया कि वह रोजाना "ओम नमः शिवाय" मंत्र का जाप करता है। अधिकारियों का अनुमान है कि उसे यह विश्वास हो गया था कि मृत्युंजय मंत्र के जाप से उसकी मां फिर से जिंदा हो सकती है या हमेशा के लिए जिंदा ही रह सकती है।

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