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ट्रैफिक जाम के कारण बेंगलुरु को हर साल ₹20,000 करोड़ का होता है नुकसान, स्टडी में हुआ खुलासा

Bengaluru Traffic Jams: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु सालों से गंभीर ट्रैफिक जाम से जूझ रहा है। कहा जाता है कि बेंगलुरु ऐसा शहर है जहां गूगल भी नहीं बता पाता कि आपको कहीं पहुंचने में कितना समय लगेगा। इस बीच, एक हालिया स्टडी में खुलासा हुआ है कि ट्रैफिक जाम के कारण बेंगलुरु को लगभग हर साल 20,000 करोड़ रुपये का भारी आर्थिक नुकसान होता है। र‍िपोर्ट में पता चला कि कर्मचारियों ने काफी समय ट्रैफिक में फंसकर बिताया, जिससे उत्पादकता में काफी नुकसान हुआ

Akhileshअपडेटेड Aug 07, 2023 पर 6:28 PM
ट्रैफिक जाम के कारण बेंगलुरु को हर साल ₹20,000 करोड़ का होता है नुकसान, स्टडी में हुआ खुलासा
Bengaluru Traffic Jams: बेंगलुरु में कुल 60 फ्लाईओवर पूरी तरह से चालू हैं, लेकिन इसके बावजूद सड़कों पर लोगों को जाम जुझना पड़ता है

Bengaluru Traffic Jams: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु सालों से गंभीर ट्रैफिक जाम से जूझ रहा है। कहा जाता है कि बेंगलुरु ऐसा शहर है जहां गूगल भी नहीं बता पाता कि आपको कहीं पहुंचने में कितना समय लगेगा। कर्नाटक की आर्थिक सफलता बेंगलुरु पर ही निर्भर है। भारत की सिलिकॉन वैली का सपना देखने वाले इस शहर में हर साल हजारों लोग आते हैं। पिछले 15 सालों में शहर की आबादी तेजी से बढ़ी है। अब यहां करीब 1.5 करोड़ लोग रहते हैं। सड़कों पर एक करोड़ से अधिक गाड़ियां हैं। गाड़ियों की संख्या कितनी तेजी से बढ़ रही है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने एक बयान में कहा था कि साल 2027 तक शहर में वाहनों की संख्या यहां की आबादी से ज्यादा होगी।

ट्रैफिक जाम से 20,000 करोड़ का नुकसान

इस बीच, एक हालिया अध्ययन में खुलासा हुआ है कि ट्रैफिक जाम के कारण बेंगलुरु को लगभग हर साल 20,000 करोड़ रुपये का भारी आर्थिक नुकसान होता है। र‍िपोर्ट में दावा क‍िया गया है क‍ि शहर को ट्रैफ‍िक समस्‍या, आवाजाही में देरी, भीड़भाड़, रेड लाइट सिग्नलों पर ठहराव, समय की हानि, पेट्रोल की हानि और संबंधित कारकों की वजह से सालाना 19,725 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। अध्ययन से पता चला कि कर्मचारियों ने काफी समय ट्रैफिक में फंसकर बिताया, जिससे उत्पादकता में काफी नुकसान हुआ।

स्टडी का अनुमान है कि ट्रैफिक संबंधी बाधाओं के कारण अकेले आईटी सेक्टर को लगभग 7,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसके अलावा, छोटे और मध्यम उद्यमों पर ट्रैफिक जाम के प्रतिकूल प्रभाव पड़ते हैं। ये व्यवसाय डिलीवरी शेड्यूल को पूरा करने के लिए संघर्ष करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप शिपमेंट में देरी होती है और ग्राहक असंतुष्ट होते हैं। बदले में इसका शहर की अर्थव्यवस्था पर तेजी से प्रभाव पड़ता है, जिससे लगभग 3,500 करोड़ रुपये का नुकसान होता है।

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