मशहूर हॉलीवुड एक्टर ब्रैड पिट (Brad Pitt) और शहनाज ट्रेजरी (Shehnaz Treasury) को Prosopagnosia की बीमारी है। ट्रेजरी ने इसके बारे में मंगलवार को बताया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर ने बताया है कि उन्हें prosopagnosia की बीमारी है। इसस ग्रसित व्यक्ति के लिए लोगों के चेहरे याद रखने में दिक्कत आती है।
ट्रेजरी ने इस बारे में इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी शेयर की है। इसमें कहा गया है, "मुझे prosopagnosia 2 से ग्रसित बताया गया है। अब मुझे समझ में आ रहा है कि क्यों मैं लोगों के चेहरे याद नहीं रख पाती थी। इसका संबंध दिमाग से है। मुझे इस बात से बहुत शर्म आती थी कि मैं लोगों के फेस याद नहीं रख पाती। मैं आवाज पहचान लेती हूं।"
इस बीमारी को Face Blindness भी कहा जाता है। उन्होंने बताया है, "इस बीमारी के कुछ लक्षण हैं। आप किसी करीबी दोस्त या परिवार के सदस्य को पहचान नहीं पाते। खासकर तब जब आपको उसके आने की उम्मीद नहीं हो। हां, मुझे यह दिक्कत है। मुझे किसी व्यक्ति को पहचानने में एक मिनट लग जाता है। कई बार मैं थोड़े दिनों के बाद मिलने वाले करीबी दोस्त को भी नहीं पहचान पाती हूं।" उन्होंने कहा है, "अब प्लीज यह समझने की कोशिश कीजिए कि यह एक वास्तविक दिक्कत है और मुझे अलग रहने वाला या घमंडी व्यक्ति नहीं समझें।"
ट्रेजरी के इस ऐलान से पहले एक्टर ब्रैड पिट ने भी ऐसी दिक्कतें आने के बारे में बताया था। GQ के साथ इंटरव्यू में उन्होंने दावा किया था कि वह Face-blindness से ग्रसित हो सकते हैं। इसके चलते सोशल पार्टीज में मिलने के बावजूद उन्हें लोगों को याद रखने में दिकक्त आती है।
हालांकि, पिट के इस बीमारी से ग्रसित होने का औपचारिक ऐलान अभी नहीं किया गया है। लेकिन 58 साल के इस एक्टर का मानना है कि इसके चलते लोगों के बीच उनकी छवि खराब होती है। उनके बारे में ऐसी छवि बन सकती है कि वह खुद में खोए रहने वाले और लोगों से दूर रहने वाले व्यक्ति हैं।
अमेरिका के National Institute of Neurological Disorders and Stroke (NINDS) के मुताबिक, यह एक न्यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम है। इसमें व्यक्ति लोगों के फेस नहीं पहचान पाता। इसे Face Blindness या Facial Agnosia भी कहा जाता है।
स्ट्रोक, ट्रॉमेटिक ब्रेन इंज्यूरी या कुछ खास न्यूरोडीजेनेरेचिव बीमारी की वजह से यह Prosopagnosia हो सकती है। कुछ लोगों में यह जन्मजात होती है। इंग्लैंड के National Health Service (NHS) के मुताबिक, इस बीमारी का कोई खास उपचार नहीं है। रिसर्चर्स इस बीमारी की वजह का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।