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चीन का सुपर डैम, भारत के नॉर्थ ईस्ट के लिए बड़ी चुनौती और खतरा

चीन ने ब्रह्मपुत्र नदी पर यारलुंग जांगपो डैम बनाने की योजना बनाई है, जो भारत और बांग्लादेश के लिए चिंता का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बाढ़, सूखा और जल संकट जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। भारत ने चीन से अपील की है कि इस प्रोजेक्ट से निचले क्षेत्रों पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 09, 2025 पर 3:46 PM
चीन का सुपर डैम, भारत के नॉर्थ ईस्ट के लिए बड़ी चुनौती और खतरा
चीन का विशाल हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट

चीन ने ब्रह्मपुत्र नदी पर दुनिया के सबसे बड़े हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की शुरुआत करने की योजना बनाई है, जिसे तिब्बत में यारलुंग जांगपो नामक डैम के रूप में देखा जा रहा है। यह प्रोजेक्ट भारत और बांग्लादेश के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है। 2006 से ही यह प्रोजेक्ट भारत के लिए चिंता का कारण रहा है, क्योंकि इसके पूरा होने से नदी के प्रवाह में बदलाव आ सकता है, जिससे कई पर्यावरण और जलवायु समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस डैम के निर्माण से बाढ़, सूखा और जल संकट जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

चीन का कहना है कि इससे भारत और बांग्लादेश पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसका असर इन दोनों देशों पर पड़ सकता है। यह प्रोजेक्ट जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण पर काफी असर डाल सकता है।

ब्रह्मपुत्र नदी पर चीनी डैम का असर

विशेषज्ञों का कहना है कि यारलुंग जांगपो डैम के निर्माण से अरुणाचल प्रदेश और बांग्लादेश में बाढ़ और सूखा की समस्या और बढ़ सकती है। गर्मियों में जब पानी अधिक होगा, तो बांध ज्यादा पानी छोड़ेगा, जिससे बाढ़ आ सकती है। सर्दियों में जब पानी कम होगा, तो बांध पानी जमा करेगा, जिससे पानी की कमी हो सकती है। इस स्थिति का विशेष असर भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र पर पड़ सकता है, जो पहले से ही जलवायु परिवर्तन से प्रभावित है। इसके अलावा, बांग्लादेश जैसे निचले इलाकों में भी पानी की कमी और बाढ़ की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

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