60 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन की बूस्टर डोज (Booster dose) लेने के लिए अब अपनी गंभीर बीमारी यानी को-मोर्बिडिटीज (co-morbidities) का सर्टिफिकेट नहीं दिखाना होगा।
समाचार एजेंसी ANI ने स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से बताया, "60 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों को अब प्रीकॉशनरी डोज लेते समय अब किसी डॉक्टर से बनवाया को-मोबिर्डिटीज का सर्टिफिकेट दिखाने की जरूरत नहीं होगी।" हालांकि मंत्रालय ने यह जरूर कहा कि ऐसे लोगों को प्रीकॉशनरी डोज या बूस्टर डोज लगवाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर सलाह-मशविरा कर लेना चाहिए।
बता दें कि इससे पहले कोविन प्लेटफॉर्म के चीफ डॉ. आरएस शर्मा ने कहा कि बुजुर्गों को बूस्टर डोज लेने के लिए अपनी को-मोबिर्डिटीज का सर्टिफिकेट दिखाना होगा। हालांकि अब स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस प्रावधान को हटा दिया है।
चुनाव में तैनात कर्मचारी माने जाएंगे फ्रंटलाइन वर्कर
स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसके साथ ही यह भी कहा कि चुनावी राज्यों में इलेक्शन ड्यूटी पर तैनात होने वाले कर्मचारियों को फ्रंटलाइन वर्कर की कैटेगरी में शामिल किया जाएगा। बता दें कि सरकार ने फ्रंटलाइन वर्कर्स को भी बूस्टर डोज लगाने की इजाजत दी है। हालांकि डॉ. आरएस शर्मा के मुताबिक, ये बूस्टर डोज के लिए केवल तभी पात्र होंगे, जब उन्हें नौ महीने पहले वैक्सीन लगाई गई थी।
15 से 17 साल के बच्चे 1 जनवरी से CoWIN ऐप पर कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन
इससे पहले सरकार ने सोमवार सुबह कहा कि 15 से 17 साल के बच्चे 1 जनवरी से CoWIN ऐप पर अपने स्कूल ID कार्ड का इस्तेमाल करके Covid-19 वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। CoWIN के प्रमुख डॉ आरएस शर्मा ने CNN-News18 को बताया कि बच्चों के पास भारत बायोटेक की Covaxin और Zydus Cadila में से कोई भी एक वैक्सीन लगवाने का ऑप्शन है।