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COVID-19: बूस्टर डोज के लिए 60 साल से अधिक उम्र के लोगों नहीं दिखाना होगा को-मोर्बिडिटीज सर्टिफिकेट, स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी जानकारी

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि बुजुर्गों को प्रीकॉशनरी डोज या बूस्टर डोज लगवाने से पहले अपने डॉक्टर से राय लेनी चाहिए

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 28, 2021 पर 6:03 PM
COVID-19: बूस्टर डोज के लिए 60 साल से अधिक उम्र के लोगों नहीं दिखाना होगा को-मोर्बिडिटीज सर्टिफिकेट, स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी जानकारी
बिना को-मोर्बिडिटीज सर्टिफिकेट दिखाएं बूस्टर डोज ले सकते हैं 60 साल से अधिक उम्र के लोग

60 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन की बूस्टर डोज (Booster dose) लेने के लिए अब अपनी गंभीर बीमारी यानी को-मोर्बिडिटीज (co-morbidities) का सर्टिफिकेट नहीं दिखाना होगा।

समाचार एजेंसी ANI ने स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से बताया, "60 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों को अब प्रीकॉशनरी डोज लेते समय अब किसी डॉक्टर से बनवाया को-मोबिर्डिटीज का सर्टिफिकेट दिखाने की जरूरत नहीं होगी।" हालांकि मंत्रालय ने यह जरूर कहा कि ऐसे लोगों को प्रीकॉशनरी डोज या बूस्टर डोज लगवाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर सलाह-मशविरा कर लेना चाहिए।

बता दें कि इससे पहले कोविन प्लेटफॉर्म के चीफ डॉ. आरएस शर्मा ने कहा कि बुजुर्गों को बूस्टर डोज लेने के लिए अपनी को-मोबिर्डिटीज का सर्टिफिकेट दिखाना होगा। हालांकि अब स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस प्रावधान को हटा दिया है।

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