Covid-19 JN.1: कोरोना वायरस की रफ्तार से फिर से बढ़ने लगी है। करीब दो साल तक पूरी दुनिया को टेंशन देने वाला कोरोना वायरस फिर से दुनिया की टेंशन बढ़ाने की तैयारी कर चुका है। चीन सिंगापुर, मलेशिया, अमेरिका, इंडोनेशिया जैसे देशों में कोरोना संक्रमण से हाहाकार मचा हुआ है। कोरोना का JN.1 स्ट्रेन पहले के वैरिएंट्स से कहीं ज्यादा संक्रामक हो सकता है। हाल ही में, केरल से JN.1 वैरिएंट का मामला सामने आया है। 78 साल की बुजुर्ग महिला के RT-PCR पॉजिटिव सैंपल में यह वैरिएंट मिला है। महिला को इंफ्लुएंजा जैसी बीमारी के हल्के लक्षण थे। अब वह ठीक हो चुकी हैं।
JN.1 वैरिएंट दुनियाभर में कोविड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सिंगापुर में तो हफ्ते भर के भीतर 56,000 नए मामले सामने आए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा कि वायरस तेजी से फैल रहा है। WHO ने JN.1 को BA.2.86 का सब-वैरिएंट बताया है। इसके स्पाइक प्रोटीन में सिर्फ एक अतिरिक्त म्यूटेशन है। WHO ने कोविड के साथ-साथ इंफ्लुएंजा और अन्य वायरस के साथ-साथ बैक्टीरिया फैलने पर भी चिंता जताई है।
केरल में तेजी से फैल रहा है कोरोना संक्रमण
इस बीच केरल में कोरोना संक्रमित मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। केरल में सोमवार को 111 नए मामले सामने आए हैं। जिसके बाद राज्य में इलाज करा रहे मरीजों की संख्या बढ़कर 1634 हो गई है। वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक सोमवार को 127 नए मामले सामने आए थे। जिसमें 111 केस सिर्फ केरल के हैं। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा, 'चिंता की कोई जरूरत नहीं है। यह एक सवबैरिएंट है। कुछ महीनों पहले, सिंगापुर एयरपोर्ट पर जांच के दौरान कुछ भारतीयों में यह सब वैरिएंट मिला था। केरल ने जीनोम सिक्वेंस के जरिए पहचान की जा रही है। स्थिति पर हम नजर बनाए हुए हैं।
जानिए क्या है सबवेरिएंट JN.1
यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (US Centers for Disease Control and Prevention - CDC) के अनुसार, JN.1 वायरस एक तरह से COVID -19 के BA.2.86 वेरिएंट का सब वेरिएंट है। इसे पिरोला भी कहा जाता है। यह ओमीक्रोन से आया है। CDC के मुताबिक, कोरोना का नया सब-वेरिएंट JN.1 को पहली बार सितंबर 2023 में अमेरिका में पाया गया था। CDC के अनुसार स्पाइक प्रोटीन में JN.1 और BA.2.86 के बीच केवल एक ही बदलाव होता है। CDC का अनुमान है कि SARS-CoV-2 जीनोम सीक्वेंस बहुत तेजी से बढ़ने वाला वेरिएंट है।
अमेरिका में JN.1 से संक्रमित मरीजों का हाल
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के डॉ राजीव जयदेवन (Dr Rajeev Jayadevan) का कहना है कि पिछले 7 महीने से यह संक्रमण फैल रहा है। ऐसे में इससे सक्रमित मरीज बढ़ सकते हैं। दुनिया के कई देशों में इस वेरिएंट से सक्रमित मरीज देखने को मिल रहे हैं। जयदेवन ने आगे कहा कि अमेरिका में अक्टूबर के अंत 1000 कोविड मामलों में सिर्फ एक मरीज JN.1 से संक्रमित था। अब 5 मरीजों में एक मरीज JN.1 से संक्रमित है।
CDC के मुताबिक, मौजूदा समय में यह पता नहीं चला है कि कोविड-19 के अन्य वेरिएंट से अलग इसके लक्षण है। फिलहाल लक्षण समान ही माने जा रहे हैं। इसमें बुखार, लगातार खांसना, जल्दी थकान होना, नाक बंद या जाम हो जाना, नाक का बहना, दस्त, सिर में दर्द जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं।
हेल्थ से जुड़े जानकारों का कहना है कि वैक्सीनेशन के कारण हमारा शरीर वायरस के अलग-अलग स्ट्रेन से लड़ने की क्षमता रखता है। इस वैरिएंट से अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या बेहद कम है। इसके लिए कोई अलग से बूस्टर डोज की जरूरत नहीं है। हालांकि हेल्थ से जुड़े एक्सपर्ट अभी इस वैरिएंट पर काम कर रहे हैं।