Ashneer Grover-BharatPe Row: 'गटर में रहना है तो वहीं रहें', भारतपे और अश्नीर ग्रोवर पर दिल्ली हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

BharatPe ने अश्नीर ग्रोवर और उनकी पत्नी को कंपनी से बाहर निकाले जाने के बाद कंपनी के पैसों के लेन-देन में गड़बड़ी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर किया था। 2800 पन्नों के इस मुकदमें में अश्नीर, उनकी पत्नी और उनके भाई के खिलाफ पर 88.67 करोड़ रुपये के हर्जाने का दावा किया गया है। इसके अलावा ग्रोवर के खिलाफ भारतपे ने मानहानि का भी दावा किया है

अपडेटेड May 17, 2023 पर 12:40 PM
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दिल्ली हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को एक-दूसरे के खिलाफ अपनी भाषा पर नियंत्रण रखने को कहा है। इस पर अश्नीर ग्रोवर के वकील ने कहा कि वह अपने मुवक्किल को यह सलाह दे देंगे। (File Photo- Ashneer Grover Insta Profile)

Ashneer Grover-BharatPe Row: दिग्गज फिनटेक कंपनी भारतपे (BharatPe) के पूर्व एमडी अश्नीर ग्रोवर (Ashneer Grover) और भारतपे के बीच विवाद बढ़ता ही जा रहा है। दोनों तरफ से आपसी विवाद में अब गलत शब्दों का भी प्रयोग होने लगा तो दिल्ली हाई कोर्ट ने दोनों को ऐसा करने से पहरेज करने को कहा है। अश्नीर ग्रोवर के वकील गिरिराज सुब्रमण्यम ने जब भारतपे के कुछ ट्वीट्स पेश किए जिसमें अश्नीर ग्रोवर के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया है और प्रेस में ग्रोवर के खिलाफ आरोप लगाए हैं तो कोर्ट ने कहा कि इस प्रकार के बयान दोनों पक्षों को नहीं देना चाहिए।

भारतपे के वकील राजीव नायर और दयान कृष्णन ने अश्नीर ग्रोवर के कुछ ट्वीट्स का हवाला दिया जिसमें आरोप लगाया गया था कि भारतपे ने वकीलों और फिक्सरों पर कई करोड़ रुपये खर्च किए हैं। कोर्ट ने नोटिस जारी किया है और सभी पक्षों को 20 मई तक रिप्लाई और 22 मई तक उस पर जवाब दाखिल करने को कहा है। इसके बाद 24 मई को रोस्टर बेंच के सामने कोर्ट ने लिस्ट करने का आदेश दिया है।

इससे पहले भी हाईकोर्ट ने जनवरी में अश्नीर ग्रोवर को भाषा को लेकर सचेत किया था। उस समय कोर्ट ने कहा था कि ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया गया है कि खुली अदालत में दोहराया नहीं जा सकता है। उस समय भारतपे के वकील ने अश्नीर की लिखित किताब से एक पैरा पढ़ा था और कहा कि उनके पेशे को अश्नीर ग्रोवर वेश्यावृत्ति से जोड़ रहे हैं। अश्नीर के वकील को सफाई को कोर्ट ने नहीं माना और कहा कि कंपनी के मुख्य अधिकारियों के बारे में बात करते हैं, उन पर आरोप लगाते हैं तो आप कंपनी को बदनाम कर रहे हैं।

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भाषा को लेकर हाईकोर्ट सख्त, गटर में रहना है तो वहीं रहें

दोनों तरफ की भाषा को लेकर जस्टिस प्रतीक जालान ने कहा कि यह शहर के किसी गली के दो गैंगों के बीच की लड़ाई नहीं। यहां कॉरपोरेट लोग हैं, पढ़े-लिखे लोग हैं तो उन्हें आपसी विवाद में शब्दों को लेकर गरिमा रख सकते हैं। सुनवाई के दौरान इसके बाद कोर्ट ने आगे कहा कि अगर आपने गटर में रहने का फैसला कर ही लिया है तो कृपा कर के वहीं रहें। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को एक-दूसरे के खिलाफ अपनी भाषा पर नियंत्रण रखने को कहा है। इस पर अश्नीर के वकील ने कहा कि वह अपने मुवक्किल को यह सलाह दे देंगे।

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दिल्ली हाईकोर्ट में किस बात की हो रही सुनवाई

भारतपे ने अश्नीर ग्रोवर और उनकी पत्नी को कंपनी से बाहर निकाले जाने के बाद कंपनी के पैसों के लेन-देन में गड़बड़ी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर किया था। 2800 पन्नों के इस मुकदमें में अश्नीर, उनकी पत्नी और उनके भाई के खिलाफ पर 88.67 करोड़ रुपये के हर्जाने का दावा किया गया है। इसके अलावा ग्रोवर के खिलाफ भारतपे ने मानहानि का भी दावा किया है और यह मामला ग्रोवर के आपत्तिजनक ट्वीट्स को लेकर किया गया है। इसके अलावा भारतपे की याचिका पर दिल्ली पुलिस की इकनॉमिक अफेंसेज विंग (EOW) ने 11 मई को अश्नीर ग्रोवर पर 81 करोड़ रुपये की धोखधड़ी और फर्जीवाड़े के मामले में एफआईआर दर्ज किया है। इसमें अश्नीर की पत्नी माधुरी जैन और उनके तीन संबंधी दीपक गुप्ता, सुरेश जैन और श्वेतांक जैन का भी नाम शामिल है।

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