Delhi’s Robinhood: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जहांगीरपुरी इलाके का रॉबिनहुड (Robinhood) कहे जाने वाले एक मोस्ट वॉन्टेड अपराधी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इसे वसीम अकरम (27) उर्फ लम्बू के रूप में पहचान की है। अपनी उम्र से पांच गुना अधिक अपराधों में शामिल रह चुका अकरम करीब तीन दर्जन मामलों में वॉन्टेड था। इसके खिलाफ दिल्ली में 125 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे।
कहा जाता है कि अकरम दिल्ली के पॉश इलाकों में अमीरो के घर में लूटपाट करता था। इसके बाद लूटी गई कुछ रकम गरीबों में बांट देता था। पुलिस के मुताबिक, दिल्ली की कई निचली अदालतों में 15 नए मामलों के अलावा 20 आपराधिक मामलों में वसीम को भगोड़ा घोषित करने की कार्यवाही चल रही है। यह आमतौर पर कई राज्यों में अपने ठिकाने बदलता रहा है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के डीसीपी जसमीत सिंह ने कहा वसीम को 19 अगस्त की सुबह दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से .315 बोर की एक सिंगल शॉट पिस्तौल और तीन कारतूस बरामद किए गए थे। सिंह ने आगे बताया कि एसीपी अत्तर सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर शिव कुमार और पवन कुमार के नेतृत्व में स्पेशल सेल की एक टीम ने कुख्यात हिस्ट्रीशीटर वसीम अकरम को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। वसीम जहांगीरपुरी के सी डी पार्क का रहने वाला है।
दिन में करता था रेकी, रात में चोरी
जसमीत सिंह के मुताबिक वसीम 25 से ज्यादा सदस्यों वाले चोरों के गिरोह का सरगना है। वो दिन के समय दिल्ली के पॉश इलाकों में बंद घरों की रेकी करते थे। इसके बाद रात में वहां से नकदी और आभूषण चोरी कर लेते थे। उन्होंने कहा, ‘‘वसीम की सीडी ब्लॉक जहांगीरपुरी में 'रॉबिनहुड' की छवि है। इसकी वजह ये है कि वो गरीबों की आर्थिक मदद करता है। ऐसे में उसके ढेर सारे समर्थक हैं। उसके ये समर्थक उसे पुलिस की आवाजाही के बारे में तत्काल जानकारी देते हैं। जिससे वो भागने में कामयाब रहता था।