Dollar-Free Trade: कुछ समय पहले तक अमेरिकी डॉलर के बिना अंतरराष्ट्रीय लेन-देन की कल्पना भी मुश्किल थी। हालांकि अब इसका कब्जा धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। कई देश अपनी-अपनी करेंसी में लेन-देन कर रहे हैं। हालांकि सवाल यह उठता है कि क्या वाकई डॉलर का दबदबा कम हो रहा है। रुस के विदेश मंत्री सर्जी विक्टरविच लारोव (Sergey Viktorovich Lavrov) ने हाल ही में दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय कारोबार के लिए डॉलर के इस्तेमाल को बंद करना और घरेलू करेंसी पर स्विच होने का रुझान यानी डी-डॉलराईजेशन (De-Dollarisation) अब पलटने वाला नहीं है।
