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ट्रंप ने भारतीय टैक्स सिस्टम पर उठाए सवाल, सत्ता में आने पर भारत को दी ये धमकी

Donald Trump: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कुछ अमेरिकी उत्पादों खासकर हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिल पर भारत में लगने वाले हाई टेक्सेस का मुद्दा उठाया है। साथ ही उन्होंने सत्ता में वापस आने पर भारत पर उतना ही टैक्स लगाने की धमकी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में अपने कार्यकाल में ट्रंप ने भारत को 'टैक्स लगाने वाला महाराजा' बताया था

Akhileshअपडेटेड Aug 21, 2023 पर 12:50 PM
ट्रंप ने भारतीय टैक्स सिस्टम पर उठाए सवाल, सत्ता में आने पर भारत को दी ये धमकी
Donald Trump: ट्रंप ने आरोप लगाया है कि भारत ने अमेरिका को अपने बाजारों तक न्यायसंगत और उचित पहुंच नहीं दी है

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर कुछ अमेरिकी उत्पादों खासकर हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिल पर भारत (India) में लगने वाले हाई टेक्सेस का मुद्दा उठाया है। साथ ही उन्होंने सत्ता में वापस आने पर भारत पर उतना ही टैक्स लगाने की धमकी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में अपने कार्यकाल में ट्रंप ने भारत को 'टैक्स लगाने वाला महाराजा' बताया था। इसके बाद ट्रंप ने मई 2019 में भारत को अमेरिकी बाजार में तरजीही देने वाली GSP (Generalised System of Preferences) को समाप्त कर दिया था। 77 वर्षीय ट्रंप ने आरोप लगाया था कि भारत ने अमेरिका को अपने बाजारों तक न्यायसंगत और उचित पहुंच नहीं दी है।

Fox Business News के लैरी कुडलो को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने भारत की टैक्स दरों को बेहद अधिक बताते हुए उस पर सवाल उठाए। पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, "दूसरी चीज जो मैं चाहता हूं वह है एक समान टैक्स...भारत हाई टेक्सेस लेता है। मैंने हार्ले-डेविडसन (मोटरसाइकिल) के साथ ऐसा देखा। मैंने यह कहा भी कि आप भारत जैसी जगह में कैसे हैं? वह 100 प्रतिशत, 150 प्रतिशत और 200 प्रतिशत टैक्स लगाते हैं।"

ट्रंप ने कहा, "मैं बस यह चाहता हूं कि अगर भारत हम पर टैक्स लगा रहा है तो हम भी उन पर टैक्स लगाएं।" उन्होंने भारत के साथ-साथ ब्राजील की टैक्स सिस्टम पर भी सवाल उठाए। बता दें कि ट्रंप ने 2024 में होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त की है।

हालांकि, उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों के लिए बुधवार को आयोजित होने वाली पहली प्राइमरी बहस में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया है। इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया कि अमेरिका के लोग उन्हें अच्छी तरह से जानते हैं। इसलिए व्हाइट हाउस के लिए उनके प्रतिद्वंद्वियों के साथ सार्वजनिक बहस की कोई जरूरत नहीं है।

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