GERD: इन दिनों खानपान में हो रहे बदलाव और गलत लाइफस्टाइल के चलते आज कल लोग कई तरह की बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। कई ऐसी बीमारियां भी फैल रही हैं। जिनके बारे में लोगों को ज्यादा पता भी नहीं हैं। गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (Gastroesophageal Reflux Disease) या (GERD) एक ऐसी ही बीमारी है। जिसे लोग बहुत कम जानते हैं। यह बीमारी तब होती है जब पेट का एसिड बार-बार आपके मुंह और पेट (ग्रासनली) को जोड़ने वाली नली में वापस बहने लगता है। इसमें खट्टी डकार आना और सीने में जलन जैसे लक्षण नजर आते हैं। लोग इसे एसिडिटी समझकर इग्नोर कर देते हैं।
इस बीमारी से पीड़ित होने पर खाने के बाद सीने में जलन (हार्टबर्न), गले तक तेजाब (एसिड) जैसा चढ़ना, खट्टी डकार आना, सीने में दर्द, निगलने में दिक्कत या गले में गांठ महसूस जैसी होती है।
हम जो कुछ खाते हैं, वो मुंह से होते हुए अन्नप्रणाली के जरिए पेट तक पहुंचता है। कुछ मामलों में GERD की वजह से भोजन नली में और सीने में जलन भी होती है। GERD एक काफी गंभीर और लंबे समय तक चलने वाली स्थिति है। समय के साथ इससे जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। एक रिसर्च के मुताबिक, खाने की नली में बार-बार एसिड आने से फूड पाइप की अंदरुनी परत डैमेज हो जाती है। इसे रिफ्लक्स ऐसोफैजाइटिस कहा जाता है। यह स्थिति खाने की नली को अंदर से बुरी तरह जला सकती है। जिससे कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
अगर आपको बार-बार खट्टी डकार आ रही है तो फैटी फूड, मसालेदार फूड, टमाटर, प्याज, लहसुन, कॉफी, चाय, चॉकलेट और शराब जैसी चीजों से फौरन दूरी बना लें।
भोजन करने के बाद तुरंत न लेटें
खाना खाने के बाद कम से कम 2-3 घंटे सोना या लेटना नहीं चाहिए। अगर आप लेट जाते हैं तो एसिड आराम से फूड पाइप के जरिए अंदर आ सकता है। आप बैठने या खड़े रहने की कोशिश करें। इसके साथ ही देर रात भोजन नहीं करना चाहिए।